कोरोनावायरस इंडिया डेल्टा प्लस वेरिएंट (Coronavirus India Delta Plus Variant) क्या है?: लक्षण, वैक्सीन की प्रभावशीलता, क्या यह तीसरी कोविड लहर को ट्रिगर कर सकता है?

कोरोनावायरस इंडिया डेल्टा प्लस वेरिएंट (Coronavirus India Delta Plus Variant) क्या है?: लक्षण, वैक्सीन की प्रभावशीलता, क्या यह तीसरी कोविड लहर को ट्रिगर कर सकता है?

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Delta Plus Variant Symptoms (कोरोनावायरस इंडिया डेल्टा प्लस वेरिएंट की व्याख्या): यह क्या है और क्या यह भारत में एक तीसरी कोविड लहर को ट्रिगर कर सकता है, लक्षण, टीकों पर प्रभावशीलता। ‘चिंता के प्रकार’ के बारे में आप सभी को पता होना चाहिए: केंद्र द्वारा खुलासा किए जाने के बाद यह चिंता का विषय बन गया है कि SARS-CoV-2 का डेल्टा संस्करण, जिसे घातक दूसरी लहर में सफलता संक्रमण के कारण के रूप में पहचाना गया था। भारत में कोरोनावायरस, ‘डेल्टा प्लस’ या ‘AY.1’ संस्करण बनाने के लिए और अधिक उत्परिवर्तित हो गया है। विशेषज्ञों को डर है कि नया संस्करण संभावित रूप से देश में तीसरी लहर पैदा कर सकता है।

भारत में डेल्टा प्लस वैरिएंट का खतरा

What is Delta Plus Variant? (डेल्टा प्लस वेरिएंट क्या है)? 

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पिछले महीने B.1.617.2 स्ट्रेन को SARS-CoV-2 के ‘डेल्टा’ संस्करण के रूप में टैग किया था। अब, “डेल्टा” संस्करण ‘डेल्टा प्लस’ या ‘एवाई.1’ संस्करण बनाने के लिए और अधिक उत्परिवर्तित हो गया है। खैर, रिपोर्टों के अनुसार, प्रारंभिक आंकड़ों से पता चलता है कि डेल्टा प्लस संस्करण मोनोक्लोनल एंटीबॉडी कॉकटेल उपचार के खिलाफ प्रतिरोध के संकेत दिखाता है। 

डेल्टा प्लस वेरिएंट के लक्षण क्या हैं? (Delta Plus Variant Symptoms)

नवीनतम संस्करण का अभी भी अध्ययन किया जा रहा है और वैज्ञानिक कोविड -19 और डेल्टा प्लस म्यूटेंट के कारण होने वाले लक्षणों के बीच महत्वपूर्ण अंतर को इंगित करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रारंभिक अध्ययनों से पता चलता है कि सामान्य सूखी खांसी, बुखार, थकान, दर्द और दर्द के अलावा, त्वचा पर चकत्ते, पैर की उंगलियों और उंगलियों का मलिनकिरण, गले में खराश, नेत्रश्लेष्मलाशोथ, स्वाद और गंध की हानि, दस्त और सिरदर्द, सीने में दर्द, सांस फूलना , सांस की तकलीफ, और बोलने में तकलीफ, डेल्टा प्लस के रोगियों ने पेट में दर्द, मतली, भूख में कमी, उल्टी, जोड़ों में दर्द, सुनने की दुर्बलता आदि लक्षणो को भी बताया है। 

Delta Plus Variant hindi news

क्या भारत को डेल्टा प्लस वेरिएंट की चिंता करनी चाहिए? 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि डेल्टा प्लस या AY.01 संस्करण आने वाले महीनों में तीसरी लहर ला सकता है, क्योंकि यह संभवतः शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बाधित कर सकता है। डेटा से पता चलता है कि भारत में इस नए संस्करण का प्रचलन अभी भी कम है, लेकिन डेल्टा अभी भी देश में प्रमुख संस्करण बना हुआ है। 

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NDTV से बात करते हुए, महाराष्ट्र COVID टास्क फोर्स के सदस्य ओम श्रीवास्तव ने कहा कि यह देश के लिए चिंता का विषय है। श्रीवास्तव ने कहा, “यह चिंताजनक है क्योंकि हम इस बारे में पर्याप्त नहीं जानते हैं कि यह यहां से कैसे व्यवहार करने वाला है। हमने जिन रूपों को देखा है, उनमें कुछ बहुत अलग परिदृश्य हैं जिन्होंने खुद को प्रस्तुत किया है।” उन्होंने कहा कि दुनिया के अन्य हिस्सों में डेल्टा लहर बहुत संक्रामक है और यह बहुत तेजी से फैलती है और यह बहुत ही कम समय में कई लोगों को प्रभावित कर सकती है। 

क्या डेल्टा प्लस वेरिएंट (Delta plus variant symptoms) अत्यधिक संक्रामक है? 

हाँ। डेल्टा स्ट्रेन की तरह, जो अब 80 देशों में फैल गया है, डेल्टा प्लस को लोगों के बीच अत्यधिक संक्रामक और तेजी से फैलने वाला माना जाता है। 

क्या टीके डेल्टा प्लस वेरिएंट (Delta plus variant) पर काम करते हैं? 

वैज्ञानिकों ने अभी तक डेल्टा प्लस संस्करण पर टीकों की प्रभावशीलता का परीक्षण नहीं किया है। 

पहले के कोविड -19 संस्करण से ‘डेल्टा प्लस’ कितना खतरनाक है? 

इसके अतिरिक्त, डेल्टा प्लस म्यूटेंट स्ट्रेन के उभरते हुए वेरिएंट में से एक ने K417N म्यूटेशन भी हासिल कर लिया है, जो दक्षिण अफ्रीका में बीटा वेरिएंट में पाया जाता है। कुछ वैज्ञानिकों को डर है कि डेल्टा संस्करण की अन्य मौजूदा विशेषताओं के साथ संयुक्त उत्परिवर्तन इसे और अधिक पारगम्य बना सकता है, लेकिन फिर से, इस विचार का पता लगाने के लिए आगे के अध्ययन की आवश्यकता है। 

‘डेल्टा प्लस’ वेरिएंट पर टीकों की प्रभावशीलता 

भारत के शीर्ष वायरोलॉजिस्ट में से एक और भारतीय Sars-CoV-2 जीनोमिक कंसोर्टिया (INSACOG) के पूर्व सदस्य, प्रोफेसर शाहिद जमील ने इस सप्ताह की शुरुआत में डेल्टा प्लस संस्करण के बारे में चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नया म्यूटेंट वैरिएंट कोविड -19 टीकों के साथ-साथ पहले के संक्रमणों से भी प्रतिरक्षा को चकमा देने में सक्षम हो सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि डेल्टा प्लस संस्करण में न केवल वे सभी लक्षण हैं जो मूल डेल्टा संस्करण में थे, बल्कि इसके साथी बीटा संस्करण (K417N उत्परिवर्तन) के लक्षण भी हैं, प्रोफेसर जमील ने समझाया। हम पहले से ही जानते हैं कि बीटा संस्करण अल्फा या डेल्टा वेरिएंट की तुलना में कोविड -19 टीकों को बेहतर तरीके से विकसित करता है, जैसा कि इस तथ्य से स्पष्ट है कि दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने एस्ट्राजेनेका टीकों की एक खेप वापस कर दी थी, वायरोलॉजिस्ट ने तर्क दिया। 

Credit: Zee Rajasthan

हालांकि, दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने अध्ययनों के हवाले से कहा है कि कोविशील्ड और कोवैक्सिन डेल्टा प्लस संस्करण पर ‘व्यापक रूप से प्रभावी’ हैं। दोनों पक्षों के दावों का ठीक से पता लगाने के लिए इस क्षेत्र में आगे के अध्ययन की आवश्यकता है। 

डेल्टा प्लस वैरिएंट (Delta Plus Variant) को लेकर भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी चेतावनी

Covid-19 Delta Plus Variant

डेल्टा प्लस कोविड -19 (Delta Plus Covid-19 Variant) उत्परिवर्तन के खिलाफ टीकों की प्रभावशीलता का परीक्षण करने के लिए भारत और विश्व स्तर पर कई अध्ययन चल रहे हैं। भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि जिन क्षेत्रों में यह पाया गया है, उन्हें “निगरानी, ​​उन्नत परीक्षण, त्वरित संपर्क-अनुरेखण और प्राथमिकता टीकाकरण पर ध्यान केंद्रित करके अपनी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया को बढ़ाने की आवश्यकता हो सकती है।” अधिकारियों ने इस बात पर प्रकाश डाला है कि हाल ही में मामलों में दुनिया के सबसे खराब उछाल से उभरने के बाद डेल्टा प्लस भारत पर संक्रमण की एक और लहर ला सकता है। 

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (W.H.O) ने रायटर (Reuters) को बताया, “डब्ल्यूएचओ इस संस्करण को डेल्टा संस्करण के हिस्से के रूप में ट्रैक कर रहा है, जैसा कि हम अतिरिक्त उत्परिवर्तन के साथ चिंता के अन्य रूपों के लिए कर रहे हैं।” 

विश्व और भारत में डेल्टा प्लस वैरिएंट के कितने मामले सामने आए है? 

16 जून तक 11 देशों में नए डेल्टा प्लस संस्करण के लगभग 200 मामले पाए गए – ब्रिटेन (36), कनाडा (1), भारत (8), जापान (15), नेपाल (3), पोलैंड ( 9), पुर्तगाल (22), रूस (1), स्विट्ज़रलैंड (18), तुर्की (1), और संयुक्त राज्य अमेरिका (83)। 

विश्व और भारत में डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले

अकेले भारत में, डेल्टा प्लस संस्करण के लगभग 40 मामलों का महाराष्ट्र, केरल और मध्य प्रदेश में छिटपुट रूप से पता चला है। हालांकि, भारत और यूके में अभी तक नए संस्करण के किसी भी मौत की सूचना नहीं मिली है। ब्रिटेन ने कहा कि उसके पहले 5 मामलों को 26 अप्रैल को अनुक्रमित किया गया था और वे उन व्यक्तियों के संपर्क थे जिन्होंने नेपाल और तुर्की से यात्रा की थी।


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Election Results 2021 News: ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) TMC लगाएंगी जीत का हैट्रिक

Election Results 2021 News: ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) TMC लगाएंगी जीत का हैट्रिक

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Election Results 2021 News, नई दिल्ली: कोरोना महामारी के बीच भारत मे हुए पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के लिए वोटों की गिनती आज शुरू हुई है। पश्चिम बंगाल (West Bengal) में ममता बनर्जी (Mamta Banerjee), असम (Assam) में बीजेपी (BJP) और केरल (Kerala) में लेफ्ट (Left) की एक बार फिर वापसी होती दिख रही है। बंगाल में टीएमसी (TMC) की एक बार फिर सरकार बनती दिख रही है और वहीं नंदीग्राम सीट के नतीजे आने के बाद ममता बनर्जी ने बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी (Shubendu Adhikar) को हरा कर सीट पर कब्जा किया । पाँच राज्यो में हुए चुनावी रुझान या फिर यू कहे कि नतीजे इस प्रकार है:-

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Election Results 2021 News: Bengal में ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) की टी.म.सी पार्टी लगाएंगी जीत का हैट्रिक

टीएमसी (TMC) भारी जीत की ओर बढ़ती नजर आ रही है और अगर मौजूदा रुझान बरकरार रहते हैं तो पार्टी राज्य में लगातार तीसरी बार आसानी से सरकार बनाती हुई स्पष्ट दिखाई दे रही है। टीएमसी को स्पष्ट बहुमत मिल रहा है यह तो अभी तक आये रुझानों से स्पष्ट हो चुका है । बंगाल चुनाव (West Bengal Election) में नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी ने बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी (Shubendu Adhikar) को हरा कर सीट पर कब्जा किया । वहीं टॉलीगंज सीट से केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो काफी पीछे हो गए हैं। पहले वो आगे चल रहे थे। चुंचुरा सीट से बीजेपी (BJP) की लॉकेट चटर्जी पीछे चल रही हैं। टीएमसी 200 से अधिक सीटों पर आगे है और वो राज्य में एक बार फिर पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाती दिख रही है।

  • BJP- 75 सीटों पर आगे
  • TMC- 215 सीटों पर आगे
  • CONG + 2 सीट पर आगे

असम (Assam) में एक बार फिर बीजेपी (BJP) की सत्ता में वापसी

असम (Assam) में एक बार फिर बीजेपी (BJP) की सत्ता में वापसी होती स्पष्ट दिखाई दे रही है। अब तक हुई काउंटिंग में बीजेपी 73 सीटों पर आगे चल रही है, वहीं कांग्रेस गठबंधन 50 सीटों पर आगे है। अब तक की मतगणना को देखकर लग रहा है कि कांग्रेस (Congress) को यहां गठबंधन का फायदा नहीं हुआ है।

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  • BJP- 76 सीटों पर आगे
  • CONG+ 47 सीटों पर आगे
  • OTH- 0

तमिलनाडु (Tamil Nadu) में चला डीएमके (D.M.K) का जादू

तमिलनाडु (Tamil Nadu) अब तक की काउंटिंग के बाद डीएमके (D.M.K) की सरकार बनती दिख रही है। एडीएमके (AIADMK) और डीएमके दोनों के बीच मुख्य मुकाबला था। डीएमके गठबंधन 153 सीटों पर आगे है। वहीं एडीएमके गठबंधन 80 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।

  • AIADMK + 80 सीट पर आगे
  • DMK+ 153 सीटों पर आगे

Election Results 2021 News: केरल (Kerala) में एक बार फिर लेफ्ट (LEFT) सरकार की वापसी

केरल (Kerala) में एक बार फिर लेफ्ट (LEFT) सरकार की वापसी हो रही है। पांच साल बाद सरकार बदल जाने की परंपरा इस बार टूट गई है और राज्य में एक बार फिर लेफ्ट की सरकार बनती दिख रही है। बीजेपी की ओर से मेट्रो मैन (Metro Man) भी चुनावी मैदान में थे। बीजेपी अब तक एक भी सीट पर आगे नहीं दिख रही है।

  • LEFT- 100 सीटों पर आगे
  • CONG+ 40 सीटों पर आगे
  • BJP+0 सीट पर आगे

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पुडुचेरी (Puducherry) में बीजेपी आगे

पुडुचेरी (Puducherry) में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी के बीच है। अब तक हुई काउंटिंग में बीजेपी गठबंधन को 9 सीट और कांग्रेस गठबंधन को 3 सीटों पर बढ़त है।

  • BJP+ 9 सीटों पर आगे
  • CONG+ 3 सीटों पर आगे
Credit: News18India

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Maharashtra Day 2021 : महाराष्ट्र दिवस पर जानिए इसका इतिहास और इसे मनाए जाने की वजह

Maharashtra Day 2021 : महाराष्ट्र दिवस पर जानिए इसका इतिहास और इसे मनाए जाने की वजह

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New Delhi : भारत के दो बड़े राज्य महाराष्‍ट्र (Maharashtra) और गुजरात (Gujarat) 1 मई का दिन अपने स्‍थापना दिवस के तौर पर मनाते हैं। 1 मई को सिर्फ मजदूर दिवस (Labour Day) ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र दिवस (Maharashtra Day 2021) और गुजरात दिवस (Gujarat Day) भी होता है।  भारत की आजादी के समय यह दोनों राज्‍य बॉम्‍बे प्रदेश (Bombay State) का अभिन्न अंग हुआ करते थे। 1 मई के दिन भारत के इस राज्य ‘महाराष्ट्र’ की स्थापना हुई थी। और दूसरी ओर गुजरात राज्य की भी स्थापना हुई ।

Maharashtra Day 2021 quotes in hindi

1 मई के दिन साल 1960 में महाराष्ट्र राज्य और गुजरात राज्य की स्थापना की गई थी और इन दोनों राज्यों को भारत देश के राज्य के रूप में पहचान मिली थी । जब यह दोनों राज्य अलग नही हुए थे उस वक्‍त बॉम्‍बे प्रदेश में मराठी और गुजराती भाषा बोलने वाले लोगों की तादाद सबसे ज्‍यादा थी। मराठी और गुजराती भाषा बोलने वाले लोग अपने लिए अलग-अलग राज्य की मांग कर रहे थे। दोनों भाषा के समुदाय के लोग अपने आंदोलन को दिन-प्रतिदिन तेज कर रहे थे।

Maharashtra Day 2021 Short Info in Hindi

नेहरू सरकार ने किया अलग और बनाया महाराष्ट्र और गुजरात: 1 मई 1960 को भारत की तत्‍कालीन नेहरू सरकार ने बॉम्‍बे प्रदेश को ‘बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम 1960’ के तहत दो राज्‍यों में बांट दिया- महाराष्‍ट्र और गुजरात। दोनों राज्‍यों में बॉम्‍बे को लेकर भी विवाद हुआ था। मराठियों का कहना था कि बॉम्‍बे उन्‍हें मिलना चाहिए क्‍योंकि वहां पर ज्‍यादातर लोग मराठी बोलते हैं, जबकि गुजरातियों का कहना था कि बॉम्बे जो था, वो उनकी बदौलत था। आखिरकार बॉम्‍बे को महाराष्‍ट्र की राजधानी बनाया गया। दरअसल, राज्‍यों के पुनर्गठन अधिनियम 1956 के तहत कई राज्‍यों का गठन किया गया था । इस अधिनियम के तहत कन्‍नड़ भाषी लोगों के लिए कर्नाटक राज्‍य बनाया गया, जबकि तेलुगु बोलने वालों को आंध्र प्रदेश मिला। इसी तरह मलयालम भाषियों को केरल और तमिल बोलने वालों के लिए तमिलनाडु राज्‍य बनाया गया।

लेकिन मराठियों और गुजरातियों को अलग राज्‍य नहीं मिला था। इसी मांग को लेकर कई आंदोलन हुए। इस वक्त हमारे देश भारत में कुल 29 राज्य हैं, जिनकी अपनी अलग-अलग भाषा और वेशभूषाएं, कलाएं हैं । वहीं भारत के लगभग सारे राज्य हर साल अपने राज्य का स्थापना दिवस भी मनाते हैं और इसी तरह महाराष्ट्र में भी हर साल मई के महीने में स्थापना दिवस मनाया जाता है ।

महाराष्ट्र दिवस साल में कब मनाया जाता है (Maharashtra Day 2021 Date in hindi)

महाराष्ट्र दिवस (Maharashtra Day) को खास बनाने के लिए हर साल एक मई के दिन राज्य सरकार द्वारा कई रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government Shivsena) द्वारा इस दिन को खास बनाने के लिए एक विशेष परेड निकाली जाती है। हर साल 1 मई के दिन महाराष्ट्र के लोग अपने राज्य में महाराष्ट्र दिवस मनाते है  । जिसके बाद से महाराष्ट्र सरकार द्वारा हर साल महाराष्ट्र दिवस मनाया जाने लगा । इस दिन इस राज्य की सरकार द्वारा राज्य के स्कूलों, विश्वविद्यालयों, और सरकार दफ्तरों में छुट्टी दी जाती है । कोरोना महामारी के चलते 2020 ओर इस वर्ष भी महाराष्ट्र दिवस का रंगा-रंग कार्यक्रम विभिन्न स्थानों पर आयोजित नही हुआ । वहीं इस साल ये राज्य अपना 49 वां राज्य स्थापना दिवस मनाने जा रहा है ।

महाराष्ट्र अलग राज्य कैसे बना? (History of Maharashtra)

महाराष्ट्र अलग राज्य कैसे बना ? (History of Maharashtra) यह प्रश्न सभी के मन मे जरूर उठता होगा। दरसल, जब भारत को आजादी मिली थी उस वक्त अधिकांश प्रांतीय राज्यों (Provincial States) को बॉम्बे प्रांत में जोड़ दिया गया था । उस वक्त बॉम्बे प्रांत में गुजराती भाषा और मराठी भाषा बोलने वाले लोग रहते थे । भाषा के आधार पर अलग राज्य बनाने की मांग विभिन्न जगहों से उठने लगी । गुजराती भाषा वाले अलग राज्य चाहते थे और मराठी भाषा बोलने वाले लोग खुद के लिए अलग राज्य बनाने की मांग कर रहे थे । अलग राज्यों की मांग को लेकर देश में कई आंदोलन भी किए गए और इन्हीं आंदोलनों के परिणामस्वरूप, बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम, 1960 के तहत नेहरू सरकार ने साल 1960 में महाराष्ट्र राज्य और गुजरात राज्य का गठन किया गया था । 

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दरअसल “राज्यों के पुनर्गठन अधिनियम” 1956 के तहत कई राज्यों का गठन किया गया था । इस अधिनियम के आधार पर कन्नड़ भाषा (Kannad Language) बोलने वाले लोगों को मैसूर राज्य यानी कर्नाटक राज्य (Karnataka State) दिया गया। तेलुगु भाषा (Tamil Language) बोलने वाले लोगों को आंध्र प्रदेश राज्य Andhra Pradesh State) मिल गया । वहीं मलयालम भाषा (Malayalam Language) के लोगों को केरल (Kerala) और तमिल भाषा वाले लोगों को तमिलनाडु (Tamilanadu) राज्य मिल गया था । लेकिन मराठी और गुजराती लोगों को अपना अलग राज्य नहीं मिला था । जिसके बाद से इन लोगों ने अपने लिए अलग राज्य की मांग को लेकर कई आंदोलन शुरू कर दिए । साल 1960 में जहां एक तरफ गुजरात राज्य को बनाने के लिए महा गुजरात आंदोलन चलाया गया था । वहीं संयुक्त महाराष्ट्र समिति का गठन महाराष्ट्र राज्य की मांग को लेकर हुआ था । वहीं 1 मई 1960 में भारत की मौजूदा सरकार ने बॉम्बे राज्य को दो राज्यों में बांटा दिया ।

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वहीं जब भारत सरकार (Indian Government) ने गोवा (Goa) राज्य को पुर्तगाली (Portugal) से स्वत्रंत करवाया था, तो महाराष्ट्र राज्य इसे अपने राज्य का हिस्सा बनाना चाहता था । लेकिन फिर महाराष्ट्र और गुजरात के लोगो की तरह गोवा के लोगों ने भी अपने लिए अलग राज्य की मांग रखी और इस तरह से गोवा महाराष्ट्र राज्य में शामिल नहीं हो सका । 

महाराष्ट्र (Maharashtra) देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है

महाराष्ट्र (Maharashtra) देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है । महाराष्ट्र राज्य का भौगोलिक क्षेत्र 307,713 किलोमीटर तक फैला हुआ है । भारत के राज्यों में क्षेत्रफल के आधार पर इस राज्य का तीसरा नंबर हैं । इस राज्य से पहले भारत के राजस्थान और मध्य प्रदेश राज्य क्षेत्र के आधार पर सबसे बड़े राज्य है । महाराष्ट्र राज्य का दक्षिण हिस्सा कर्नाटक राज्य से लगता है । वहीं इस राज्य का दक्षिण पूर्व हिस्सा आंध्र प्रदेश और गोवा राज्य की सीमाओं से लगा हुआ है । इसके अलावा महाराष्ट्र राज्य की उत्तरी भाग की सीमा मध्य प्रदेश राज्य से जुड़ी हुई है और राज्य के पश्चिम में अरब सागर है ।

Credit: HISTORY MYSTERY

महाराष्ट्र दिवस कैसे मनाते है (How to celebrate Maharashtra Day)

  • महाराष्ट्र दिवस के दिन को खास बनाने के लिए यहां की राज्य सरकार द्वारा कई तरह के समारोह आयोजित किए जाते हैं ।
  • इस दिन को विशेष बनाने के लिए राज्य सरकार कई स्थानों पर कार्यक्रमों का आयोजन करती है, जिसमें मराठी संस्कृति की झलक देखने को मिलती है.
  • इसके अलावा इस दिन राज्य सरकार द्वारा एक परेड भी निकाली जाती है । हर साल इस परेड का आयोजन शिवाजी पार्क (Shivaji Park) में किया जाता है । इतना ही नहीं शिवाजी पार्क में इस दिन राज्य के राज्यपाल द्वारा हर साल भाषण भी दिया जाता है । वहीं हर साल राज्य के मुख्यमंत्री ‘हुतात्मा चौक’ में जाकर उन लोगों श्रद्धांजलि देते हैं, जिन्होंने इस राज्य की स्थापना के लिए अपना योगदान दिया है । दरअसल ये चौक उन लोगों की याद में बनाया गया है, जो महाराष्ट्र राज्य बनाने के आंदोलन के वक्त शहीद हो गए थे । वहीं इसके अलावा इस दिन इस राज्य में शराब नहीं बेची जाती है । कोरोना महामारी के चलते लगभग दो वर्षों से कोई रँगा रंग कार्यक्रम प्रदेश में नही हुआ है ।

Maharashtra Day 2021 Quotes In Hindi

  • मन में स्वतंत्रता,
  • शब्दों में ताकत,
  • हमारे खून में पवित्रता,
  • हमारी आत्मा में गर्व,
  • हमारे दिलों में जोश,
  • महाराष्ट्र की इस भावना को सलाम!
  • मुझे अपने राष्ट्र से प्यार है,
  • मुझे अपने भारत से प्यार है,
  • मुझे अपनी आजादी से प्यार है,
  • मुझे अपने महाराष्ट्र से प्यार है.
  • एकता में गजब की ताकत है,
  • विभाजित होकर हम हार जाएंगे,
  • मजबूती के साथ हम आगे बढ़ेंगे,
  • महाराष्ट्र का नाम रोशन करेंगे.

महाराष्ट्रीयन होने पर गर्व करें,

क्योंकि भारत का गर्व बढ़ाने के लिए,

महाराष्ट्र अन्य राज्यों के साथ,

मिलकर काम करता है.


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Covid Vaccine Registration: 18 साल से अधिक आयु वालों के लिए Covid-19 Vaccine Registration हुआ शुरू, कोविन पोर्टल और आरोग्य सेतु ऐप से रजिस्ट्रेशन करें

Covid Vaccine Registration: 18 साल से अधिक आयु वालों के लिए Covid-19 Vaccine Registration हुआ शुरू, कोविन पोर्टल और आरोग्य सेतु ऐप से रजिस्ट्रेशन करें

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Covid Vaccine Registration: 18 साल से अधिक आयु वालों के लिए कोविड-19 वैक्सीन रेजिस्ट्रेशन (Covid-19 Vaccine Registration) हुआ शुरू, कोविन पोर्टल (Cowin) और अरोग्य सेतु ऐप (Arogya Setu App) से रेजिस्ट्रेशन करे । जैसे कि आप सभी को पता है कि देश मे कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए 1 मई से कोरोना का महा टीकाकरण अभियान की शुरुआत होने जा रही है और इस दौरान 18 साल से अधिक आयु वर्ग के लोग टीका लगवा सकेंगे। इसके लिए 28 अप्रैल यानी यानी आज शाम 4 बजे से रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है।

वर्तमान में भारत में दो प्रकार की कोविड वैक्सीन लगाए जा रही हैं, जिनमें से एक हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोवक्सीन (Covaxin) है, जबकि दूसरी वैक्सीन का नाम कोविशील्ड (Covishield) है, जिसे ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका (Oxford Astrezeneca) ने तैयार किया है और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) द्वारा भारत मे ही बनाया जा रहा है। हालांकि हाल ही में कुछ नए वैक्सीन को भी इंडियन ड्रग रेग्यूलेटर ने इजाजत दी है।

Covid Vaccine Registration: 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को रजिस्ट्रेशन कराना होगा जरूरी

18 साल से ऊपर के सभी लोगों को रजिस्ट्रेशन कराना होगा जरूरी  क्योंकि18 साल से 45 साल के उम्र के लोगों को बिना रजिस्ट्रेशन के वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी। इस आयु वर्ग के लोगों को कोरोना वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा और अपाइंटमेंट बुक करना होगा।

कोविड-19 वैक्सीन रेजिस्ट्रेशन (Covid Vaccine Registration)

कोविड-19 वैक्सीन रेजिस्ट्रेशन (Covid Vaccine Registration): देश मे कोरोना महामारी की दूसरी सबसे खतरनाक लहर इस समय चल रही है। जिससे दिन-प्रतिदिन साढ़े तीन लाख से ज्यादा मामले सामने आ रहे और दो से ढाई हजार लोगों की मौत रोजाना हो रही है । कोरोना के कहर के बीच देश की केंद्र और राज्य सरकारों ने यह निर्णय लिया है । 1 मई से कोरोना महामारी के खिलाफ महा टीकाकरण अभियान की शुरुआत की जाए। कोरोना की वैक्सीन लेने के लिए आपको कोविड-19 वैक्सीन रेजिस्ट्रेशन (COVID 19 vaccine registration) कराना जरूरी होगा ।

  • रेजिस्ट्रेशन सिर्फ 18 साल से 45 साल के आयुवर्ग के लोगों के लिए वैक्सीन का रेजिस्ट्रेशन आज शाम के चार बजे कोविन (cowin.gov.in),
  • आरोग्य सेतु (Arogya Setu) और उमंग एप (Umang App) पर रजिस्ट्रेशन शुरू हुआ है.
  • हालांकि हैवी ट्रैफिक की वजह से वेबसाइट/App में दिक्कतें सामने भी आई और ऐप्प में दिक्कत की शिकायत के बाद आरोग्य सेतु ने ट्वीट कर कहा है कि कोविन पोर्टल अब ठीक से काम कर रहा है. शाम के चार बजे मामूली दिक्कत आई थी ।

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कोविड-19 (Covid-19) की दूसरी लहर से निपटने के लिए शुरू हुई टेस्टिंग (Coronavirus Testing): कोरोना महामारी से संक्रमण का पता लगाने के लिए देश में कई तरह के टेस्ट के विकल्प मौजूद हैं लेकिन इस जांच सर्वाधिक प्रयोग रैपिड एंटीजन टेस्ट (Rapid Antigen Test) और आरटी-पीसीआर टेस्ट (RT-PCR Test) का होता है। देश में इन दो टेस्ट के जरिए सरकार व्यक्ति में संक्रमण के बारे में पता करती है। हालांकि, ये दोनों टेस्ट सौ फीसदी सही नहीं होते। इन दोनों टेस्ट में आरटी-पीसीआर टेस्ट (RT-PCR Test) को ज्यादा विश्वसनीय माना जाता है। एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट 15 से 30 मिनट के अंदर आ जाती है जबकि आरटीपीसीआर टेस्ट में छह से आठ घंटे का  समय लगता है। 

Credit: Janstta

Covid Vaccine Registration: आरटी-पीसीआर टेस्ट (RT-PCR Test) क्या होता है ?

आरटी-पीसीआर टेस्ट (RT-PCR Test) का पूरा नाम ‘रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलिमियर्स चेन रिएक्शन’ है। इसकी जांच प्रयोगशाला में की जाती है। इस टेस्ट के जरिए व्यक्ति के शरीर में कोरोना वायरस (Coronavirus) का पता लगाया जाता है। इसमें वायरस के आरएनए की जांच की जाती है। ज्यादातर सैंपल नाक और गले से म्यूकोजा के अंदर वाली परत से स्वैब लिया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल पीसीआर टेस्ट को ज्यादा विश्वसनीय मानते हैं। लेकिन अन्य टेस्ट की तरह यह टेस्ट भी पूरी तरह से पूर्ण नहीं है। इसकी जांच की कीमत एंटीजन टेस्ट से महंगी होती है। दिल्ली में आरटीपीसीआर टेस्ट की कीमत 800 रुपए तय की गई है।

रैपिड एंटीजन टेस्ट (Rapid Antigen Test) क्या होता है?

बाहर से शरीर में दाखिल होने वाले वैक्टीरिया एंटीजन होते हैं। रैपिड एंटीजन टेस्ट (Rapid Antigen Test) के नतीजे 15 से 30 मिनट के भीतर आ जाते हैं। इस जांच में व्यक्ति की रिपोर्ट यदि निगेटिव आती है तो उसे फाइनल नहीं माना जाता। इस टेस्ट की आरटीपीसीआर जांच होती है। रैपिड एंटीजन टेस्ट (Rapid Antigen Test) में व्यक्ति की रिपोर्ट यदि पॉजिटिव (Positive) आती है तो उसे संक्रमित मान लिया जाता है। एंटीजन टेस्टिंग व्यक्ति के पास जाकर की जाती है।  इस टेस्ट में व्यक्ति की नाक के दोनों तरफ से फ्लूइड का सैंपल लिया जाता है। स्ट्रिप पर एक रेड लाइन आने पर रिपोर्ट निगेटिव मानी जाती है। स्ट्रिप पर यदि दो रेड लाइन आती है तो व्यक्ति को संक्रमित माना जाता है। इस जांच की कीमत 150 रुपए है।


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World Book Day 2021: विश्व पुस्तक दिवस पर जानिए कौनसी पुस्तक आपके लिए सर्वश्रेष्ठ?

World Book Day 2021: विश्व पुस्तक दिवस पर जानिए कौनसी पुस्तक आपके लिए सर्वश्रेष्ठ?

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World Book Day 2021: आज विश्व पुस्तक दिवस 2021 है इसे विश्व पुस्तक दिवस और कॉपीराइट दिवस (World Book and Copyright Day) के नाम से भी जाना जाता है। वर्ल्ड की बुक कैपिटल 2021 मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर है । विश्व पुस्तक दिवस यूनेस्को (UNESCO) और दुनिया भर के अन्य संबंधित संगठनों द्वारा लेखकों, पुस्तकों को दुनिया भर में सम्मान देने, पढ़ने की कला को बढ़ावा देने इत्यादि के लिए मनाया जाता है । विश्व पुस्तक दिवस (World Book Day 2021) पर दुनियाभर में कई जगहों पर बड़े-बड़े पुस्तक मेले, साहित्य और लोगों के जीवन में शिक्षा का क्या महत्व है इसके लिए कार्यक्रम किए जाते हैं । हालांकि इस साल कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया जा रहा है । 

World Book Day Hindi Theme

विश्व पुस्तक दिवस का इतिहास (World Book Day History)

विश्व पुस्तक दिवस का इतिहास (World Book Day History) शुरू हुआ 23 अप्रैल 1995 को हुई जब यूनेस्को ने विश्व पुस्तक दिवस के रूप में इसे चुना । इस विश्व पुस्त5 दिवस के दिन विलियम शेक्सपियर (William Shakespeare), मिगुएल डे सर्वंट्स (Miguel de Cervantes) और इंका गार्सिलसो डे ला वेगा (Inca Garcilaso de la Vega) सहित महान साहित्यकारों को श्रद्धांजलि दी गई थी, जिनकी मृत्यु इसी दिन हुई थी आपको बता दें कि 23 अप्रैल और किताबों के बीच का संबंध सबसे पहले 1923 में स्पेन के बुकसेलर्स (booksellers) ने मिगुएल डे सर्वंट्स (Miguel de Cervantes) को सम्मानित करने के लिए बनाया गया था, जिनकी आज ही के दिन मृत्यु हो गई थी । विश्व पुस्तक दिवस को 1995 में पेरिस में आयोजित यूनेस्को (UNESCO) जनरल कॉन्फ्रेंस द्वारा दुनिया भर में लेखकों और पुस्तकों को श्रद्धांजलि और सम्मान देने के लिए अंतिम रूप दिया गया था और विश्व पुस्तक दिवस की शुरुआत यही से हुई, जिसे आज विश्व के अधिकतर लोग मनाते है ।

कॉपीराइट डे क्या है ? (What is Copyright Day ?)

विश्व पुस्तक दिवस (International Book Day) को कॉपीराइट डे (Copyright Day) के नाम से भी जाना जाता है। कॉपीराइट यह एक कानूनी अवधारणा है, जो ज्यादातर सरकारों द्वारा लागू की जाती है, जो लेखकों या रचनाकारों को मूल रूप से सीमित समय के लिए विशेष अधिकार प्रदान करती है । असल में, यह कॉपी करने का अधिकार है । यह कॉपीराइट (Copyright) धारक को कार्य और अन्य, संबंधित अधिकारों के लिए श्रेय दिए जाने का अधिकार भी देता है । तो, यह एक बौद्धिक संपदा का रूप है । 

विश्व पुस्तक दिवस (International Book Day) का उद्देश्य

विश्व पुस्तक दिवस (International Book Day) का उद्देश्य यह है कि इस अवसर पर, पुस्तकों और लेखकों को दुनिया भर में श्रद्धांजलि दी जाती है और लोगों को पढ़ने के आनंद की खोज के लिए प्रोत्साहित किया जाता है । इस दिन उन लोगों को भी सम्मान दिया जाता है जिन्होंने सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति में अपूरणीय योगदान दिया है । सहिष्णुता की सेवा में बच्चों और युवा लोगों के साहित्य के लिए यूनेस्को (UNESCO) पुरस्कार प्रदान किया जाता है । इसमें कोई भी संदेह नहीं है कि यह दिन दुनिया भर के लेखकों, साहित्यकारों, प्रकाशक, शिक्षक, पुस्तकालयाध्यक्ष, सार्वजनिक और निजी संस्थानों, मानवीय एनजीओ और मास मीडिया सहित पुस्तक उद्योग के हितधारक साक्षरता को बढ़ावा देने और सभी की मदद करने के लिए एक प्लेटफार्म बन गया है जिससे सबको शैक्षिक संसाधन मिल सकें ।

विश्व पुस्तक दिवस (World  Book Day) कैसे मनाया जाता है?

विश्व पुस्तक दिवस (International Book Day) कैसे मनाया जाता है? यह दिवस समारोह साहित्य और पढ़ने पर केंद्रित है और विशेष रूप से देशीय या स्थानीय भाषाओं को बढ़ाने और उनकी सुरक्षा पर पुरजोर देता है । सितंबर 2007 में स्थानीय (indigenous) लोगों के अधिकारों की घोषणा को अपनाने के बाद से यूनेस्को स्वदेशी लोगों के लिए प्रभावी रूप से प्रतिबद्ध है और अपने अधिकारों की बेहतर मान्यता के लिए काम करना जारी रखता है । यूनेस्को ज्ञान और भाषा को बढ़ावा देने और संरक्षित करने के लिए स्थानीय समुदायों का भी समर्थन करता है । ज्ञान कभी भी बेकार नहीं होता है, और यह कहा जाता है कि पुस्तक विभिन्न संस्कृतियों, पहचानों और भाषाओं के माध्यम से अपनी विशिष्टताओं को प्रकट करते हुए एक कहानी और एक सामान्य विरासत के आसपास लोगों को एक साथ लाती है ।

कोविड-19 (Covid-19) महामारी की वजह से इस साल भी ऑनलाइन मनाया जाएगा विश्व पुस्तक दिवस 2021 (World Book Day 2021) 

विश्व मे कोविड-19 (Covid-19) महामारी की वजह से इस साल भी ऑनलाइन मनाया जाएगा विश्व पुस्तक दिवस 2021 (World Book Day 2021) । पुस्तकों को पढ़ने के उत्सव को बनाए रखने के लिए, वर्ल्ड बुक कैपिटल को यूनेस्को और प्रकाशकों, बुकसेलर और पुस्तकालयों का प्रतिनिधित्व करने वाले अन्य संगठनों के लिए चुना जाता है । आमतौर पर हमें अपने या बच्चों के साथ पुस्तकें पढ़ने का समय नहीं मिलता है । वही वर्तमान स्थिति के अनुसार जहां पूरी दुनिया COVID-19 महामारी के साथ लड़ रही है, यह समय है पढ़ने के महत्व को महसूस करने का, पाठकों के रूप में बच्चों के विकास को बढ़ावा देने और साहित्य के प्रति आजीवन प्रेम उत्पन्न करने और उन्हें रोचक पुस्तकों की तरफ अग्रसर करने का जिससे वह कुछ सीख ले पाए । 

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World Book Day 2021: ‘विश्व पुस्तक दिवस 2021’ पर जानिए भारत में सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली पुस्तक और हिंदी की रोचक पुस्तकें

‘विश्व पुस्तक दिवस 2021’ पर जानिए भारत में सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली पुस्तक और हिंदी की रोचक पुस्तकें इस प्रकार है: 

“जीने की राह” पुस्तक (Way of Living Book)

भारत मे पिछले कुछ वर्षों से देश में सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली आध्यात्मिक, सामाजिक “जीने की राह” पुस्तक (Way of Living Book) लोगों की पसंद बनती जा रही है। इस पुस्तक में लोगों की समस्या से जुड़े सभी प्रश्नों के उत्तर प्रमाण सहित मिलते है और सभी धर्मों (हिन्दू, मुस्लिम, सिख, इसाई और अन्य) के धार्मिक शास्त्रों (वेद, पुराण, कुरान, गुरु ग्रन्थ साहिब, बाइबिल और अन्य शास्त्रों) का यथार्थ ज्ञान तथा पूर्ण एक परमात्मा को पाने की सम्पूर्ण जानकारी “जीने की राह” पुस्तक (Way of Living Book) में विस्तार के साथ बताया गया है । यह पुस्तक जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज (Jagatguru Saint Rampal Ji Maharaj) द्वारा लिखित सभी धर्मो के शास्त्रों पर आधारित है तथा यह पुस्तक 100% निशुल्क है और इसकी होम डिलीवरी भी निशुल्क रहेगी है । अगर आप इस पुस्तक को पढ़ने के इछुक है तो आप jagatgururampalji.org पर जाकर “जीने की राह” पुस्तक की सॉफ्ट कॉपी डाऊनलोड भी कर सकते है । ओर आप इस पुस्तक की हार्ड कॉपी के लिए भी अप्लाई कर सकते है जिसके लिए आपको इस नम्बर पर +91 7496801823 अपना नाम, पता, और फ़ोन नंबर बताना होगा और यह पुस्तक 15 दिन के अंदर आपके घर पर निःशुल्क डिलीवर कर दी जाएगी।

Credit: Gazab India

  • तमस (Tamas)

कलम के जागूदरों में शामिल लेखकर भीष्म साहनी की किताब तमस (Tamas)  के लिए उन्हें 1975 में साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया गया । यह किताब अंग्रेजों से भारत की आजादी से पूर्व समाज में फैली सांप्रदायिकता की कहानी को बयां करती है ।

  • निर्मला (Nirmala)

निर्मला (Nirmala) की कहानी भारतीय नारी के जीवन पर आधारित है । निर्मला पुस्तक की कहानी एक ऐसी महिला की है जो चरित्र से निर्मल है, परन्तु समाज के सामने उसे कई कारणों से अपमानित होना पड़ता है । प्रसिद्ध लेखक मुंशी प्रेमचंद (Munsi Premchand) द्वारा लिखित यह पुस्तक किसी के भी दिल को छू सकती है । ये कहानी समाज में दहेज प्रथा पर हमला करने की कोशिश है ।

  • नया सवेरा (Naya Savera)

लेखक यशवंत कोठारी (Yashwant Kothari) का किशोर उपन्यास नया सवेरा (Naya Savera) की कहानी बहुत ही मार्मिक है । ये कहानी लोगों को सकारात्मक विचार दे सकती है ।

  • चंद्रकांता संतति (Chandrakanta) 

साहित्यकार बाबू देवकीनंदन खत्री द्वारा लिखित चंद्रकांता संतति (Chandrakanta) की कहानी जादूगरी, रहस्यलोक पर आधारित है. इस कहानी को लोगों ने खूब पसंद किया था । इस किताब को लेकर कहा जाता है कि इसकी कहानी को पढ़ने के लिए कई लोगों ने हिंदी सिखी ।

  • गुनाहों का देवता (Gunaho Ka Devta)

गुनाहों का देवता (Gunaho Ka Devta) की कहानी चन्दर, सुधा और पम्मी के इर्द-गिर्द घूमती है । इस कहानी में चंदर को सुधा से प्यार हो जाता है, लेकिन दोनों एक-दूसरे से इजहार नहीं कर पाते हैं । गुनाहों का देवता कहानी प्रेम कहानी है । इस कहानी को पढ़ने के बाद लोगों को 19वीं सदी का प्यार याद आ जाएगा, जो हो तो जाता है, लेकिन इजहार नहीं कर पाता है ।

World Book Day 2021 Quotes in Hindi

  • काग़ज़ में दब के मर गए कीड़े किताब के, दीवाना बेपढ़े, लिखे मशहूर हो गया- बशीर बद्र
  • किताबें भी बिल्कुल मेरी तरह हैं, अल्फ़ाज़ से भरपूर मगर ख़ामोश
  • खुली किताब थी फूलों भरी ज़मीं मेरी, किताब मेरी थी रंग-ए-किताब उस का था – वज़ीर आग़ा
  • मैंने हमेशा कल्पना की है कि स्वर्ग एक तरह का पुस्तकालय है
  • अपना तेज बनाये रखने के लिए जिस तरह तलवार को पत्थर की ज़रुरत होती है उसी प्रकार दिमाग को किताबों की.

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World Earth Day 2021: विश्व पृथ्वी दिवस क्यों मनाया जाता है, जानिए इसका इतिहास और थीम के बारे में

World Earth Day 2021: विश्व पृथ्वी दिवस क्यों मनाया जाता है, जानिए इसका इतिहास और थीम के बारे में

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नई दिल्ली Fresh News India: पृथ्वी दिवस (Earth Day) विश्वभर में 22 अप्रैल को मनाया जाता है। हर साल विश्वभर में विश्व के अधिकतर देशों में विश्व पृथ्वी दिवस (World Earth Day) पर कई प्रकार के कार्यक्रम होते है। इन खास मौकों पर पर्यावरण और पौधारोपण के लिए लोगों को जागरूक किया जाता है। पृथ्वी दिवस के मौके पर खास छोटे बच्चों को स्कूलों में बेहतर भविष्य के लिए पर्यावरण (Environment) के बारे में समझाया जाता है। हर साल विश्व पृथ्वी दिवस पर एक नई थीम रखी जाती है। आज हम आपको यह बताने जा रहे है कि पृथ्वी दिवस क्यों और किस लिए विश्वभर में मनाया जाता है। आइए जानते है इसका इतिहास और इससे जुड़ी महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी।

World Earth Day 2021 Images & Photos
विश्व पृथ्वी दिवस क्यों मनाया जाता है? (Why Earth Day is Celebrated) (faq)


विश्व पृथ्वी दिवस साल 1970 से प्रारम्भ हुआ जिसको आज पूरी दुनिया के लगभग 192 से अधिक देशों के 1 अरब से अधिक लोग 22 अप्रैल को मनाते हैं। इस साल विश्व पृथ्वी दिवस को 51 साल पूरे होने जा रहे है। पृथ्वी दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को पृथ्वी और पर्यावरण के संरक्षण हेतु जागरूक करना है। मौजूदा समय में ग्लेशियर पिघल रहे हैं, ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है, जिससे ठंडे देशों और इलाकों में गर्मी और प्रदूषण भी खूब बढ़ रहा है। इन सभी से हमारी पृथ्वी दिन प्रतिदिन नष्ट हो रही है। ऐसी स्थति में पृथ्वी की गुणवत्ता, उर्वरकता और महत्ता को बनाए रखने के लिए हमें पर्यावरण और पृथ्वी को सुरक्षित रखने की जरूरत है।

पिछले कुछ सालों में अर्थ डे मनाने की लोकप्रियता काफी बढ़ी है और साल दर साल जैसे-जैसे जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणाम सामने आते जा रहे हैं। इसके महत्व पर ज्यादा जोर दिया जाने लगा है । वर्ल्ड अर्थ डे का दिन एक ऐसा मौका होता है कि करोड़ों लोग मिल कर पृथ्वी से संबंधित पर्यावरण की चुनौतियों जैसे कि ग्लोबल वार्मिंग, प्रदूषण और जैवविविधता संरक्षण के लिए प्रयास करने में और जागरुक हों और इसमें तेजी लाएं और ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाए ।

विश्व पृथ्वी दिवस का इतिहास (History of World Earth Day in Hindi)

विश्व पृथ्वी दिवस का इतिहास  (History of World Earth Day) की स्थापना अमेरिकी सीनेटर गेलोर्ड नेल्सन (Gaylord Nelson) ने की जो कि एक पर्यावरण शिक्षा भी थे। इनके स्थापना करने के बाद से पृथ्वी दिवस मनाने की प्रथा शुरू हुई। सन 1970 से प्रारम्भ हुए इस दिवस को आज पूरी दुनिया के लगभग 195 से अधिक देश मनाते हैं। अमेरिका (America) में पृथ्वी दिवस को ट्री डे (Tree Day) के रूप में भी जाना जाता है। इन्हें फादर ऑफ अर्थ डे कहा जाता है। पृथ्वी दिवस दुनिया में सबसे बड़ा जन जागरूकता आंदोलन है। इसमें एक साथ 192 देशों के अरबों की संख्या में नागरिक हिस्सा लेते हैं। इन सभी लोगों ने पृथ्वी के संरक्षण का संकल्प किया है। इस दिन नॉर्थ पोल में वसंत तो साउथ पोल में शरद मौसम रहता है।

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इस साल वर्ल्ड अर्थ डे 2021 (World Earth Day 2021 Theme) की क्या थीम है?

कोरोना काल में वर्ल्ड अर्थ डे 2021 की थीम (World Earth Day 2021 Theme) को फिर से अच्छी अवस्था में बहाल करना हम सबकी जिम्मेदारी है । इसके लिए इस बार उन प्राकृतिक प्रक्रियाओं और उभरती हुई हरित तकनीकों पर ध्यान दिया जाएगा जो दुनिया के पारिस्थिकी तंत्र को फिर से कायम करने में मददगार साबित होंगी । इस तरह से इस बार की थीम में इस अवधारणा को खारिज किया जा रहा है कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों में केवल प्रकृति को नुकसान पहुंचाने वाली गधिविधियों को कम करना ही काफी होगा।

World Earth Day 2021 Poster
World Earth Day 2021 Poster

विश्व पृथ्वी दिवस की पहले की कुछ थीम इस प्रकार है

  • 2020 में विश्व पृथ्वी दिवस के लिए थीम ‘जलवायु कार्रवाई’ था।
  • 2019 में विश्व पृथ्वी दिवस के लिए थीम ‘अपनी प्रजातियों की रक्षा करें’ था।
  • 2018 में विश्व पृथ्वी दिवस के लिए थीम ‘प्लास्टिक प्रदूषण का अंत’ था।
  • 2017 में विश्व पृथ्वी दिवस के लिए थीम ‘पर्यावरण और जलवायु साक्षरता’ था।
  • 2016 में विश्व पृथ्वी दिवस के लिए थीम ‘धरती के लिए पेड़’ था।
  • 2015 में विश्व पृथ्वी दिवस के लिए थीम ‘जल अद्भुत विश्व’ था।
  • 2014 में विश्व पृथ्वी दिवस के लिए थीम ‘हरे शहर’ था।
  • 2013 में विश्व पृथ्वी दिवस के लिए थीम ‘जलवायु परिवर्तन का चेहरा’ था।
  • 2012 में विश्व पृथ्वी दिवस के लिए थीम ‘धरती को संगठित करना’ था।
  • 2011 में विश्व पृथ्वी दिवस के लिए थीम ‘वायु को साफ करें’ था।
  • 2010 में विश्व पृथ्वी दिवस के लिए थीम ‘कम करो’ था।

वर्ल्ड अर्थ डे 2021 (World Earth Day 2021) पर इस साल कोविड-19 (Covid-19) महामारी के बाद भी उसे मनाने में उत्साह की कमी नहीं है । विश्वभर में पर्यावरण (Envrionment) के लिहाज से वर्ल्ड अर्थ डे 2021 (World Earth Day 2021) को बहुत ही महत्व दिया जाता है । इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी सुगबुगाहट विश्वभर में एक या दो दिन पहले से ही शुरू हो जाती है । इस साल कोविड-19 (Covid-19) महामारी के प्रकोप के चलते भले ही लग रहा हो कि विश्व पृथ्वी दिवस पर लोगों का ध्यान नहीं जाएगा तो ऐसा बिलकुल भी नहीं है । ऐसे में लोगों में यह कौतूहल भी है कि इस बार वर्ल्ड अर्थ डे कैसे मनाया जाएगा ।

इस साल पृथ्वी दिवस तीन दिन मनाया जा रहा है

वर्ल्ड अर्थ डे (World Earth Day) साल 1970 से 22 अप्रैल के दिन ही मनाया जा रहा है । इस साल पृथ्वी दिवस तीन दिन मनाया जा रहा है इसलिए इसे तीन दिन के इवेंट के तौर पर मनाया जा रहा है जो 20 से अप्रैल से शुरु हो गया है । इस साल कोविड महामारी के कारण कार्यक्रमों को डिजिटल तौर पर करने की योजना बनाई गई है । कोविड-19 के कारण पर्यावरण (Environment) की अहमियत पर भी जोर दिया रहा है ।

इस साल वर्ल्ड अर्थ डे 2021 (World Earth day 2021) इन विषयों पर रहेगा जोर

इस साल अर्थ डे (Earth Day) के कार्यक्रमों में जलवायु और पर्यावरण साक्षरता, जलवायु तकनीकों की बहाली, वनीकरण के प्रयासों में तेजी, पुनर्उत्पादन कृषि, समानता और पर्यावरण न्याय, नागरिक विज्ञान, साफ सफाई जैसे मुद्दों  पर जोर दिया जाएगा । अर्थडे डॉटओआरजी ने इस बार पृथ्वी के लिहाज से सभी से बदलाव से दूर रहने  की अपील की है । साल 1990 में अर्थ डे पर्यावरण के आंदोलन की तरह हो गया था । इसमें 192 देशों को 75 हजार से अधिक पार्टनर्स जुड़े हुए हैं । इस बार इसे मनाने के लिए व्हाट्सएप (WhatsApp) और स्नैपचैट (Snapchat) जैसे मंचों ने कई उपकरण जारी किए हैं । स्नैप चैट पर खेलने के लिए अर्थ डे सर्च करना होगा और एआर लेंस शेयर करना होगा। इसमें बिटमोजी (Bitmoji) के द्वारा दोस्तों और अपने रिश्तेदारों को बधाई भी दी जा सकती है ।

World Earth day 2021 Quotes

पृथ्वी पर जीवन को बनाए रखने के लिए इस धरती को बचाना बहुत जरूरी है. तो आइए हम सब मिल कर इसे हरा भरा बनाने का संकल्‍प लें और औरों को भी जागरूक करें.

ऐसे में अगर दुनिया की ओर से पृथ्वी के पर्यावरण की रक्षा के लिए जरूरी प्रयास नहीं किए गए तो वह दिन दूर नहीं जब पृथ्वी पूरी तरह से प्रदूषित हो जाएगी और यहां जीवन बचाना असंभव हो जाएगा. इसलिए इसे हरा भरा बनाए रखना बहुत जरूरी है.

लगातार जंगल की कटाई होने, धरती के बिगड़ते संतुलन और बढ़ते प्रदूषण की वजह से पर्यावरण बिगड़ रहा है.


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