What is Black Hole?: Facts & Theory: First Image by Event Horizon Telescope.

What is Black Hole?: Facts & Theory: First Image by Event Horizon Telescope.

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First real Image, Picture, Photo of Black Hole.

ब्लैक होल (Black Hole) का पहला फोटो और वीडियो देखना ऐसा संभव हो पाया।

नई दिल्ली: सन 2019, 11 अप्रैल का दिन विज्ञान की सफलता का दिन माना गया। इसी दिन ब्लैक होल (Black Hole) की पहली तस्वीर (First Image) जारी की गई। यह विज्ञान (Science) के लिए बहुत बड़ी है। आपको बता दें कि ब्लैक होल ब्रह्मांड (Black Hole Universe) में मौजूद एक रहस्यमय खगोलीय शक्ति है

Meaning of Black Hole.

इसे रहस्यमय शक्ति इसलिए भी कहा जाता है क्योंकि अनेको वैज्ञानिकों ने इस पर खोज कर यह पाया है कि ब्लैक होल के अंदर meaning: जो कुछ भी जाता है, फिर चाहे वह प्रकाश ही क्यों न हो, वह वापस नहीं आता है। ब्लैक होल (Black Hole First Image & Video) का पहला फ़ोटो और वीडियो देखना ऐसे संभव हो पाया। आइए ब्लैक होल के बारे में विस्तार से जानते है।

What is Black Hole?: ब्लैक होल क्या है?

Black Hole Image, Picture, Photo.
Black Hole Image, Picture, Photo.

What is Black Hole? ब्लैक होल क्या है? बहुत से लोगों के दिमाग मे यह बात चल रही होगी। ब्लैक होल सामान्य सापेक्षता की खगोलीय वस्तु होती है। सामान्य सापेक्षता का सिद्धांत महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग (Stephen Hawking) ने सन 1974 में पहली बार ब्लैकहोल से निकलने वाली हॉकिंग रेडिएशन की परिकल्पना की थी।

Black Hole Facts & Theory.

Black Hole Facts: 1915 में अल्बर्ट आइंस्टिन (Albert Einstein) ने सामान्य सापेक्षता का सिद्धांत (Theory) दिया था। इसे ब्लैक होल इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह इस पर पड़ने वाले किसी भी प्रकार के प्रकाशषित कर लेता है और कुछ भी प्रतिबिंबित (Reflect) नहीं करता है। ब्लैक होल का गुरुत्वाकर्षण (Gravitational Force) क्षेत्र इतना शक्तिशाली होता है कि कोई भी गयी वस्तु या प्रकाश सहित कुछ भी इसके खिंचाव से बच नहीं सकता है।

Second Black Hole Sun: दूसरा ब्लैक होल.

दूसरा ब्लैक होल (Second Black Hole Sun) के बारे में बताया जाता है कि सैगिटेरियस ए* को पृथ्वी से 26 हजार प्रकाश वर्ष दूर मिल्की वे (Milky Way) के बीच में देखा गया है। सैगिटेरियस ए का द्रव्यमान 40.1 लाख सूर्यों के बराबर है। इस दूसरे ब्लैक होल को सबसे बड़े ब्लैक होल में गिना जाता है। यह सूर्य से 6 अरब गुना ज्यादा बड़ा और सैगिटेरियस ए (Sagitarius A) से 1500 गुना ज्यादा बड़ा है। यह गैलेक्सी एम 87 के बीच में और हमारी पृथ्वी से 5,350 करोड़ प्रकाश वर्ष की दूरी पर है

Black Hole First Image: Event Horizon Telescope NASA: ब्लैक होल की तस्वीर ऐसे ली गयी.

Event Horizon Telescope NASA Image, Photo, Picture
Event Horizon Telescope NASA Image, Photo, Picture

ब्लैक होल की तस्वीर (Black Hole Image) ऐसे ली गयी। ब्लैक होल जो कि विशालकाय आकाश गंगा में स्थिति हैं, उसका नाम मेसियर 87 है10 दिनों तक टेलिस्कोप ने एम 87 के ब्लैक होल की चमकीली रिंग के चारों तरफ बदलाव का अवलोकन किया। इन सभी टेलिस्कोप (Telescope) ने मिलकर ब्लैक होल (Black Hole) के आसपास के कणों से विकिरण की तस्वीर कैद कर ली। ब्लैक होल की तस्वीर रेडियो (Event Horizon Telescope.) टेलिस्कोप से ली गयी

NASA ने ब्लैक होल (Black Hole) की पहली तस्वीर (First Image, picture of Black Hole)इवेंट होराइजन’ (Event Horizon Telescope) नाम के 8 टेलिस्कोपों के एक समूह से ली गई है। दुनिया के 6 देशों हवाई, एरिजोना, स्पेन, मेक्सिको, चिली और दक्षिणी ध्रुव ने मिलकर ‘इवेंट होराइजन‘ में टेलिस्कोप लगाया गया था।

इस टेलिस्कोप की मदद से 6 अप्रैल, 2017 को ब्लैक होल से संबंधित डेटा जुटाया गया। इसके बाद वैज्ञानिकों ने डेटा की मदद से तस्वीर तैयार की जिसमें करीब दो साल लग गए ब्लैक होल (Black Hole) की परियोजना पर करीब-करीब 200 से अधिक वैज्ञानिकों ने काम किया। ब्लैक होल की तस्वीर खींचने का काम 2012 में ही शुरू हो गया था।

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लेकिन 2019 में यह संभव हो पाया। ​ब्लैक होल की तस्वीर लेने के लिए सैटलाइटों (Satellites) की मदद से इतना डेटा जमा किया गया कि उसे इंटरनेट (Internet) की मदद से भेजना संभव हो सके। इसके बाद वैज्ञानिकों के पास हार्ड ड्राइव पहुंचाई गई जिन्होंने तस्वीर बनाने के लिए डेटा (Data) का विश्लेषण किया। डेटा के विश्लेषण से आकाश गंगा के बीच में एक धुंधली जगह और उसके चारों तरफ एक गोलाकार चमकीला घेरा दिखाई दिया। जिसके बाद वैज्ञानिकों ने पुष्टि कर यह बताया कि जो धुंधली जगह है, वह ब्लैक होल है।

Black Hole Video: Credit- The Quint

Black Hole Name “Powehi” : ब्लैक होल का नाम पोवेही दिया गया है।

हवाई विश्वविद्यालय के भाषा विज्ञान के प्रोफेसर ने ब्रम्हांड में सबसे पहले दिखाई दिए ब्लैक होल (Black Hole) को ‘पोवेही’ (Powehi) नाम दिया है। समाचार पत्र होनुलुलु स्टार एडवर्टाइजर ने गुरुवार को बताया कि हवाई विश्वविद्यालय के हिलो हवाइयन के प्रोफेसर लैरी किमूरा ने ब्लैक होल का नामाकरण पोवेही नाम से किया हैअखबार ने यह भी कहा कि ब्लैक होल (Black Hole) के नाम को 18 वीं शताब्दी के हवाइयन गीत कुमुलिपो से लिया गया है.

जिसका अर्थ ‘अतिसुंदर अथाह अंधेरी रचना‘ या ‘अंधेरे स्त्रोत को सुशोभित करती एक अनंत रचना‘ है। वैज्ञानिकों ने कहा कि ब्लैक होल को हवाइयन भाषा (Hawaii Language) का नाम देना इसलिए भी उचित था क्योंकि ब्लैक होल (Black Hole) की इस परियोजना में हवाई देश के दो टेलीस्कोप इस्तेमाल में लिए गए थे।

Black Hole: Important role of 29 years old student Katie Bouman.

29 वर्ष की स्टूडेंट की अहम भूमिका: ब्लैक होल की रिसर्च में 29 वर्षीय कैथरीन बूमैन की अहम भूमिका रही। कैथरीन बूमैन मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी की ग्रैजुएट स्टूडेंट् हैं फेसबुक पर उन्होंने एक तस्वीर जारी की है, जिसमें वह कंप्यूटर के सामने बैठी हैं और इस चर्चित तस्वीर को असेंबल करती हुई दिख रही हैं। इस बड़ी खगोलीय खोज को अंजाम देने वाली कैथरीन (Katie Bouman) का एस्ट्रोनॉमर (Astronomer) के तौर पर कोई करियर नहीं रहा है। वह कंप्यूटर एल्गोरिदम की जानकार रही हैं।


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Super Blood Moon Lunar Eclipse 2019, Photo, Video: News Blog.

Super Blood Moon Lunar Eclipse 2019, Photo, Video: News Blog.

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Super Blood Moon Lunar Eclipse 2019, Photo, Video News Blog

New Delhi : 2019 का पहला चन्द्र ग्रहण (Chandra Grahan 2019) जिसे सुपर ब्लड मून (Super Blood Moon) के नाम जाना जा रहा है।

सुपर ब्लड मून (Super Blood Moon) आज यानी 21 जनवरी को लगेगा, साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि यह पूर्ण चंद्र ग्रहण के साथ ही साथ सुपर ब्लड मून और वूल्फ मून (Wolf Moon) भी होगा। सुपर ब्लड मून भारत मे दिखाई नही देगा।


Antonio Paris’s Tweet

साल के पहले चंद्रग्रहण को अलग-अलग नामों से भी जाना जा रहा है। जैसे (Chandra Grahan 2019), सुपर ब्लड मून (Super Blood Moon), या वुल्फ मून (Wolf Moon)।

यह चंद्रग्रहण भारत ओर ऑस्ट्रेलिया को छोड़कर, अमेरिका के वेस्टर्न हेमिसफेयर नोर्थ, सेंट्रल और साउथ अमेरिका में 21 जनवरी को पूर्वान्ह 2:36 UTC (Universal Time Coordinated) पर शुरू होकर 7:52 UTC (Universal Time Coordinated) तक दिखाई देगा।

भारतीय समय के अनुसार यह चन्द्रग्रहण (Lunar Eclipse 2019) सुबह सुबह 9.04 मिनट से शुरू होगा जो 11.13 बजे तक रहेगा, लेकिन जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया कि यह भारत मे दिखाई नही देगा।

Video Credit: P&K Science


सुपर ब्लड वूल्फ मून इसे इसलिए कहा जाता है क्योंकि ग्रहण के वक्त चाँद का रंग एक दम लाल होता है, इसलिए इसे सुपर ब्लड वुल्फ नाम दिया गया है।

चंद्रग्रहण के दौरान आज चाँद बाकी दिनो के मुकाबले 14 फीसदी बड़ा और 30 फीसदी अधिक चमकीला दिखाई देगा।


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