Goa Liberation Day 2023 [Hindi]: जानिए क्या है गोवा मुक्ति दिवस का इतिहास रोचक तथ्यों सहित

Goa Liberation Day [Hindi] History, Facts, Speech, Quotes
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Goa Liberation Day 2023 [Hindi]:19 दिसंबर, 1961 की तारीख हिंदुस्तान की आजादी के समय तक पुर्तगालियों के कब्जे में रहे गोवा की आजादी का दास्तां को बयां करती है. जबकि, दूसरी तारीख 30 मई, 1987 गोवा के भारतीय संघ का एक पूर्ण राज्य बनने की गवाह है.

19 दिसंबर, 1961 की तारीख हिंदुस्तान की आजादी के समय तक पुर्तगालियों के कब्जे में रहे गोवा की आजादी का दास्तां को बयां करती है. जबकि, दूसरी तारीख 30 मई, 1987 गोवा के भारतीय संघ का एक पूर्ण राज्य बनने की गवाह है. यही तारीख गोवा का स्थापना दिवस के तौर पर मनाया जाता है. लेकिन यह विचारणीय प्रश्न है कि गोवा की मुक्ति से लेकर उसके भारत के पूर्ण राज्य बनने के सफर में 14 साल का लंबा वक्त क्यों लगा और इस दौरान गोवा किससे अधीन था? तो आइए जानते हैं आधुनिक गोवा बनने का रोचक सफर

गोवा की मुक्ति और स्थापना दिवस

Goa Liberation Day 2023 [Hindi]: 15 अगस्त, 1948 को भारत के स्वतंत्र होने के बाद भी गोवा पुर्तगालियों के कब्जे में रहा. किंतु, पुर्तगाली शासक गोवा वासियों की आकांक्षाओं को पूरा नहीं कर पा रहे थे. भारत सरकार के कई बार आग्रह के बावजूद जब पुर्तगाली नहीं माने तो फिर ऑपरेशन विजय की शुरुआत की गई. अंतत: 19 दिसंबर, 1961 को गोवा को मुक्त करा लिया गया और इसे दमण तथा दीव के साथ मिलाकर केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था.

हालांकि, बाद में 30 मई, 1987 को गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया और दमण तथा दीव को अलग केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया. तब से ही 30 मई का दिन गोवा का मुक्ति दिवस यानी स्थापना दिवस के तौर पर मनाया जाता है. स्थापना के बाद पणजी को गोवा की राजधानी तथा कोंकणी भाषा को राजभाषा का दर्जा दिया गया.

गोवा मुक्ति दिवस का इतिहास (History)

  • 1510 में पुर्तगालियों ने भारत के कई हिस्सों का उपनिवेश किया लेकिन 19वीं शताब्दी के अंत तक भारत में पुर्तगाली उपनिवेश गोवा, दमन, दीव, दादरा, नगर हवेली और अंजेदिवा द्वीप तक सीमित थे.
  • गोवा मुक्ति आंदोलन, जिसने गोवा में पुर्तगाली औपनिवेशिक शासन को समाप्त करने की मांग की, छोटे पैमाने के विद्रोहों के साथ शुरू हुआ.
  • 15 अगस्त 1947 को, जब भारत ने अपनी स्वतंत्रता प्राप्त की, गोवा अभी भी पुर्तगाली शासन के अधीन था.
  • पुर्तगालियों ने गोवा और अन्य भारतीय क्षेत्रों पर अपना अधिकार छोड़ने से इनकार कर दिया. पुर्तगालियों के साथ असंख्य असफल वार्ताओं और राजनयिक प्रयासों के बाद, भारत के पूर्व प्रधान मंत्री, जवाहरलाल नेहरू ने फैसला किया कि सैन्य हस्तक्षेप ही एकमात्र विकल्प था.
  • 18 दिसंबर, 1961 से आयोजित 36 घंटे के सैन्य अभियान का कोड-नाम ‘ऑपरेशन विजय (Operation Vijay)’ था, जिसका अर्थ है ‘ऑपरेशन विक्ट्री’, और इसमें भारतीय नौसेना, भारतीय वायु सेना और भारतीय सेना के हमले शामिल थे.

पुर्तगालियों ने जमाया कब्जा

जब भारत पर मुगल राज था उस दौरान मार्च 1510 में अलफांसो-द-अल्बुकर्क के नेतृत्व में पुर्तगालियों ने इस शहर पर आक्रमण किया। गोवा बिना किसी संघर्ष के पुर्तगालियों के कब्जे में आ गया। पुर्तगालियों को गोवा से दूर रखने के लिए यूसुफ आदिल खां ने हमला किया।

■ Also Read: Vijay Diwas 16 December 1971 [Hindi]: 1971 में भारतीय सैनिकों ने दिलाया था ऐतिहासिक जीत का जश्न

शुरू में उन्होंने पुर्तगाली सेना को रोक भी दिया, लेकिन बाद में अल्बुकर्क ज्यादा बड़ी सेना के साथ लौटा और एक युद्ध के बाद उसने शहर पर फिर से कब्जा कर लिया और एक हिन्दू तिमोजा को गोवा का प्रशासक नियुक्त किया। गोवा पूर्व दिशा में समूचे पुर्तगाली साम्राज्य की राजधानी बन गया। इसे लिस्बन के समान नागरिक अधिकार दिए गए और 1575 से 1600 के बीच इस शहर में अपना स्‍वर्णीम काल देखा।

Goa Liberation Day 2023 [Hindi]: गोवा अंग्रेजों के कब्जे में आया

नेपोलियन ने 1809-1815 के बीच पुर्तगाल पर कब्जा कर लिया, जिसके बाद एंग्लो पुर्तगाली गठबंधन के बाद गोवा अपने आप ही अंग्रेजी अधिकार क्षेत्र में आ गया। 1815 से 1947 तक गोवा में अंग्रेजों का शासन रहा और पूरे हिंदुस्तान की तरह अंग्रेजों ने वहां के भी संसाधनों का जमकर शोषण किया।

गोवा मुक्ति दिवस से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य | Important facts related to Goa Liberation Day

  • ‘ऑपरेशन विजय’ ने गोवा पर पुर्तगालियों के 451 साल के शासन को समाप्त कर दिया।
  • गोवा को फिर से हासिल करने के बाद सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी कुन्हीरमन पलत कैंडेथ को लेफ्टिनेंट गवर्नर नामित किया गया था। उन्हें प्रशासन की देखरेख का जिम्मा सौंपा गया था।
  • गोवा को 30 मई 1987 को राज्य का दर्जा दिया गया था।

जब चलाया गया ऑपरेशन विजय

पुर्तगालियों के साथ कई दौर की बातचीत हुई. कई राजनयिक प्रयासों के बाद भी वो गोवा को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुए. इसके बाद उस वक्त भारत के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने फैसला किया कि पुर्तगालियों को हटाने का सैन्य हस्तक्षेप ही एकमात्र विकल्प था. इसके बाद इन्हें हटाने के लिए 18 दिसंबर, 1961 को 36 घंटे का सैन्य अभियान चलाया गया. इस अभियान को ‘ऑपरेशन विजय’ का नाम दिया गया. इसमें भारतीय नौसेना, वायुसेना और थल सेना शामिल थे.

Goa Liberation Day 2023 [Hindi]: गोवा से संबंधित कुछ रोचक तथ्य (Facts)

  • गोवा क्षेत्रफल के अनुसार भारत का सबसे छोटा मगर जनसंख्या के आधार पर चौथा सबसे छोटा राज्य है.
  • गोवा पहले पुर्तगाल का एक उपनिवेश था, इसी आधार पर उन्होंने गोवा पर 450 साल से ज्यादा राज्य किया.
  • आजादी के समय अंग्रेजों की दोहरी नीति एवं पुर्तगाल के दबाव के कारण गोवा पुर्तगाल को हस्तांतरित कर दिया गया.
  • भारतीय सेना ने 2 दिसंबर को गोवा मुक्ति का अभियान छेड़ा. वायुसेना ने 8 एवं 9 दिसंबर को पुर्तगालियों के ठिकाने पर अचूक बमबारी की.
  • 19 दिसंबर 1961 को तत्कालीन पुर्तगाली गवर्नर मैन्यू वासलो डि सिल्वा ने भारत के सामने समर्पण समझौते पर हस्ताक्षर किया.
  • गोवा में चुनाव हुए और 20 दिसंबर 1962 को श्री दयानंद भंडारकर को गोवा के पहले मुख्यमंत्री बने.

गोवा की भौगोलिक स्थिति एवं पौराणिक इतिहास

गोवा भारतीय प्रायद्वीप के पश्चिमी तट पर स्थित है। इसके उत्तर में तेरेखोल नदी बहती है, जो गोवा को महाराष्ट्र से अलग करती है। इसके दक्षिण में कर्नाटक का उत्तर कन्नड़ जिला और पूर्व में पश्चिमी घाट तथा पश्चिम में अरब सागर है। पणजी, मडगांव, वास्को, मापुसा, तथा पोंडा राज्य के प्रमुख शहर हैं। राज्य में 1,424 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में घने वन हैं।

■ Read in English: Goa Liberation Day: Operation Vijay 1961

Goa Liberation Day 2023 [Hindi]: गोवा का उल्लेख भारतीय संस्कृति के कई पौराणिक ग्रंथों में मिलता है। महाभारत के समय दक्षिण कोंकण क्षेत्र में गोवा को गोपराष्ट्र अर्थात गाय चराने वालों के देश के रूप में वर्णित है। कई अन्य संस्कृत श्लोक और धार्मिक ग्रंथों में इसे गोमांचल, गोपकपट्टम, गोपकेपुरी, गोवापुरी, गोवाराष्ट्र और गोमांतक आदि कई नामों से उल्लेखित किया गया है।  

गोवा के बारे में प्रमुख जानकारियां 

  • गोवा की मुख्य खाद्य फसल चावल है। इसके अलावा दालें, रागी तथा कुछ अन्य खाद्य फसलें भी उगाई जाती हैं। 
  • गोवा में नारियल, काजू, सुपारी तथा गन्ने जैसी फसलों के साथ-साथ यहां अनन्नास, आम और केला भी होता है। 
  • गोवा के सभी गांवों में बिजली पहुंचाई जा चुकी है और शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य प्राप्त किया जा चुका है।
  • गोवा में लघु उद्योगों की संख्या 7,110 है और 20 औद्योगिक परिसर हैं। राज्य के खनिज उत्पादों में फैरो मैंगनीज, बॉक्साइट, लौह-अयस्क आदि शामिल हैं।
  • राज्य में मत्स्यकी का एक प्रमुख स्थान है, क्योंकि 90 प्रतिशत जनसंख्या यानी लगभग एक लाख लोग मत्स्य उद्योग में कार्यरत हैं। 
  • गोवा की सात प्रमुख नदियां जुआरी, मंडोवी, तेरेखोल, चापोरा, गलगीबाग, कुम्बरजुआ नहर, तलपोना और साल हैं।
  • गोवा में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई 264 किलोमीटर तथा प्रांतीय राजमार्गों की लंबाई 279.4 किलोमीटर है। 

इसलिए मनाया जाता है ‘गोवा मुक्ति दिवस’

गोवा मुक्ति दिवस हर साल 19 दिसंबर को पुर्तगालियों से स्वतंत्रता प्राप्त करने वाले राज्य की वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है. पुर्तगाली शासन के तहत 450 सालों के बाद 1961 में गोवा को भारतीय सेना द्वारा मुक्त किया गया था. 1510 में पुर्तगालियों ने भारत में कई स्थानों पर उपनिवेश स्थापित किया था.

Goa Liberation Day 2023 [Hindi]: 19वीं शताब्दी के अंत तक वे केवल गोवा, दमन, दीव, दादरा, नगर हवेली और अंजेदिवा द्वीप (Anjediva Island) में उपनिवेश बनाए रखने में सफल रहे। देशभर में विरोध प्रदर्शन के चलते गोवा मुक्ति आंदोलन की शुरुआत हुई, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में पुर्तगाली औपनिवेशिक शासन को उखाड़ फेंकना था.

बेल्हा आदिलशाह की थी दूसरी राजधानी

गोवा का इतिहास तीसरी सदी ईसा पूर्व शुरू होता है. यहां पर मौर्य वंश शासन की स्थापना, जिसके बाद कोल्हापुर के सातवाहन वंश के शासकों का अधिकार स्थापित हुआ, फिर 580 ईसवीं से 750 ईसवीं तक बदामी शासकों ने राज किया. 1312 ईसवीं में पहली बार गोवा पर दिल्ली सल्‍तनत के अधीन आ गया. वहीं कुछ समय के बाद ही विजयनगर के शासक हरिहर प्रथम ने इस पर अधिकार कर लिया और 100 सालों तक शासन किया. बदामी  शासकों के पतन के बाद बीजापुर के आदिलशाह का यहां पर कब्जा हुआ, जिसने गोवा वेल्हा को अपनी दूसरी राजधानी बनाया.

1498 ईसवीं में हुआ था पुर्तगालियों का आगमन

1498 ईस्वी में मसालों की तलाश में प्रेरित होकर पुर्तगाल से व्यापारी केप ऑफ गुड होप के आस-पास यात्रा की. पुर्तगालियों को इस सफलता के बाद एक दशक बाद वास्कोडिगामा 1498 में कालीकट में उतरा. पुर्तगालियों ने व्यापार में अरब एकाधिकार तोड़ दिया. पुर्तगाल के लिए पूर्वी साम्राज्य स्थापित किया गया. 1510 ईसवीं में अल्फांसो डी अल्बुकर्क के नेतृत्व में पुर्तगालियों ने गोवा पर आक्रमण किया.

बिना किसी संघर्ष के ही यहां पर पुर्तगालियों का कब्जा हो गया. गोवा पूर्व दिशा में समूचे पुर्तगाली साम्राज्य की राजधानी बन गया. फिर 1575 से 1600 ईसवीं तक यह राज्य पुर्तगालियों के शासन में खूब उन्नति की. पुर्तगालियों ने भारत में पहले प्रिंटिंग प्रेस को 1556 ईसवीं में फ्रांसिस जेवियर और गार्सिया डी ओर्ता द्वारा स्थापित किया गया.

Goa Liberation Day 2023 [Hindi]: गोवा के प्रमुख पर्यटन स्‍थल

वेगाटर समुद्र तट: वेगाटर समुद्र तट पर्यटकोंं को अपने  चट्टानों के कारण यह पर्यटकों को काफी आकर्षित करता है. इस समुद्र तट पर संगीत समारोह का खूब आयोजन होता है. यहां दो उपखंड हैं, पहले भाग में फ्ली मार्केट और खाने-पीने की छोटी दुकानें हैं. जबकि दूसरे में लाल चट्टाने हैं जो समुद्र को और भी आकर्षक बनाती हैं.

अंजुना समुंद्र तट : यह तट भी पर्यटकों की पंसदीदा जगह है. अरावली पहाड़ियों के बीच बसे इस खूबसूरत समुद्र तट पर पर्यटक खूब पहुंचते हैं. इस तट पर सूर्यास्त की सुंदरता पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करती हैं. यहां की ट्रांस पार्टियों में पर्यटक भाग लेते हैं.

कैलंगयुत को कहा जाता है समुद्र तटों की रानी : इस तट को पर्यटक समुद्र तटों की रानी के नाम से भी जानते हैं. इस तट पर पर्यटकों को पैरासेलिंग, वाटर सर्फिंग, जेट स्कीइंग और बनाना राइड का आनंद प्राप्त होता है. यहां पर इंडोनेशिया, तिब्बत, कश्मीर के हस्तशिल्प शोरूम भी मौजूद हैं, जो इस समुद्र तट का मुख्य आकर्षण है.

सिंक्वेरियम समुद्र तट : एडवेंचर प्रेमियों के लिए यह समुद्र तट काफी खास है. यहां पर पानी के खेल का खूब आनंद लिया जा सकता है. स्कूबा ड्राइविंग, वॉटर स्कीइंग, विंड सर्फिंग जैसे पानी के खेल यहां पर खूब लोकप्रिय हैं. पुर्तगालियों द्वारा निर्मित कई ऐतिहासिक किले इस समुंद्र तट के आस-पास पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं.

कसीनो पाम : कसीनो पाम्स गोवा के सबसे अधिक देखे जाने वाले लोकप्रिय कसीनो में से एक हैं. यहां पर पर्यटक अपनी किस्मत को खूब आजमाते हैं.

सेंट फ्रांसिस जेवियर पर्व : गोवा राज्य में ईसाई धर्म के सबसे ज्यादा नागरिक हैं. इसलिए इस राज्य में अधिकांश मेले और त्योहार इस  धर्म से प्रभावित रहते हैं. यह पर्व ईसाई धर्म के लोगों के द्धारा जोश और उत्साह के साथ मनाया जाता है.

क्रिसमस पर्व : क्रिसमस का पर्व यूं तो पूरे विश्व में खूब मनाया जाता है लेकिन गोवा के लोग इसे अलग अंदाज में मनाते हैं. इस दिन समुद्र के तटों को खूबसूरत लाइटों के साथ  और  होटल को खूब सजाया जाता है. वहीं उत्तरी गोवा में  यह दिन खास होता है.

Goa Liberation Day Quotes, Messages & Greeting [English]

  • Any endeavor at liberation, regardless of how extraordinary it may be, in the event that it doesn’t think about the need of dissolving the personality, is sentenced to disappointment.
  • Everybody thinks about the thundering twenties and partners it with wantonness and flappers, female sexual liberation, the opportunity of ladies to convey what needs be, the start of women’s liberation. In any case, it was likewise a period of enormous, colossal change.
  • For to be free isn’t simply to push off one’s chains, however, to live such that regards and improves the opportunity of others.
  • Give us a chance to take Decision To Value Our Nation Would not Forget Those Sacrifices, Who Gave Us Freedom Now It’s Our Turn To Have A Reformation.
  • I had a go at changing history possibly not without anyone else’s input I battled at the clash of Normandy, I labored through the Ardennes, and I praised the liberation of Paris in the city with delightful French young ladies tossing blossoms at me. I bid a fond farewell to my first intimate romance and found what I truly needed to do with my life.
  • Innovativeness is liberation from servitude. Man is free when he ends up in a condition of imaginative action. Innovativeness prompts joy existing apart from everything else. The results of innovativeness are inside time, yet the inventive demonstration itself lies outside time.
  • It is anything but difficult to underestimate freedom when you have never had it taken from you.
  • It’s a sort of liberation to break free in language, on the off chance that you can break free, but on the other hand, it’s repression since structure limits you whatever the structure.
  • Ladies’ liberation could have not succeeded if science had not given them contraception and family unit innovation.
  • Ladies’ liberation won’t be accomplished until a lady can end up paunchy and uncovered and still believe that she’s appealing to the contrary sex.
  • Liberating oneself from words is liberation.
  • Liberation and equal rights issues regardless, it was a man’s business to make a lady feel valued and regarded.
  • Liberation does not concern the individual, for liberation is the opportunity from the individual.
  • Fundamentally the follower and educator are indistinguishable. Both are the ageless pivot of all activity and preception.
  • Liberation does not originate from outside.
  • Liberation from each type of abuse, the likelihood of progressively human and noble life, the formation of another mankind all go through this battle.
  • Liberation implies you don’t need to be hushed.
  • Liberation is a regularly moving skyline, an absolute belief system that can never satisfy its guarantees. It has the restorative nature of giving candidly charged customs of solidarity in scorn it is the amphetamine of its adherents.
  • Liberation is the way of amazing quality. Appearance is the way of characteristics. Both lead to a similar spot: the celestial.
  • Liberation isn’t redemption.
  • The liberation that raises a cry against others is no evident liberation. The liberation that implies insurgencies of detest and viciousness and removes the lives of others or dishonors the respect of others can’t be genuine freedom.
  • National liberation is essentially a demonstration of culture.
  • On the off chance that you are irate or in agony, separate yourself from displeasure and torment and watch them. Externalization is the initial step to liberation.
  • The opportunity has its life in the hearts, the activities, the soul of men. Upbeat Liberation Day!!
  • Opportunity implies the ability to act by soul direction, not by the impulses of wants and propensities. Complying with the inner self prompts servitude; complying with the spirit brings liberation.
  • Self-realization is liberation. Liberation is self-realization.
  • The best power of individual liberation is the choice to enlarge our hover of empathy, moving from the spotlight on self to concentrate on administration.
  • The fantasy is the liberation of the soul from the weight of outside nature, a unit of the spirit from the shackles of issue.
  • The genuine estimation of a person can be found in how much he has achieved liberation from oneself.
  • The genuine liberation, the genuine way to opportunity, lay in the capacity to pardon.
  • The individuals who deny the opportunity to others merit it not for themselves. Glad Liberation Day.

गोवा में धर्म

82% गोवावासी हिंदू हैं ,अल्पसंख्यक इस्लाम(11%)और ईसाई(7%) हैं। गोवा में कैथोलिक आबादी में पिछले कुछ दशकों में अन्य धार्मिक समूहों के साथ अंतर्विवाह, विदेशों में प्रवास, पुजारियों की कम संख्या और नास्तिकता के कारण गिरावट का अनुभव हुआ है।


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