National Voter’s Day 2024 [Hindi]: 25 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है मतदाता दिवस, क्या है इसका उद्देश्य?

National Voter's Day 2022 [Hindi] राष्ट्रीय मतदाता दिवस Theme, Quotes, History
Spread the love

National Voter’s Day 2024: चुनावों में लोगों की हिस्सेदारी बढ़ाने के मामले में सरकारी विभागों में सबसे अच्छा काम करने की श्रेणी में इस साल का पुरस्कार सत्येंद्र प्रकाश और उनके विभाग को दिया गया है.

राष्ट्रीय मतदाता दिवस (National Voter’s Day 2024) कब होता है?

हर साल 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। भारत निर्वाचन आयोग इस साल पूरे देश में 11वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाएगा। 25 जनवरी 2011 में तात्कालिक राष्ट्रपति प्रतिभा देवी पाटिल ने ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ का शुभारंभ किया था।

क्या है राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उद्देश्य?

इस दिन मतदाताओं को जागरुक किया जाता है कि हर एक वोट देश की तरक्की के लिए जरूरी होता है। मतदाता दिवस मनाने का उद्देश्य पात्र मतदाताओं की पहचान कर उन्हें मत देने के लिए प्रोत्साहित करना है। लोकतांत्रिक देश के नागरिकों को उनके कर्तव्य को याद दिलाने के लिए यह दिन मनाया जाता है।

चुनावों में लोगों की रुचि बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए

एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए प्रकाश ने बताया कि उन्होंने अपने विभाग के अन्य सहयोगियों और क्षेत्रीय ब्यूरो के साथ मिलकर चुनावों में लोगों की रुचि बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए. इनमें पोस्टर, नाट्य प्रस्तुति और सोशल मीडिया के अलग-अलग माध्यमों का इस्तेमाल किया. प्रकाश को ये पुरस्कार 25 जनवरी को दिल्ली में आयोजित एक समारोह में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के कर कमलों से दिया जाएगा. 

राष्ट्रीय मतदाता दिवस का इतिहास (History of National Voter’s Day)

25 जनवरी 2011 से शुरू हुआ मतदाता दिवस. मतदाता दिवस का आयोजन 25 जनवरी 2011 से शुरू हुआ था. इस दिन तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ का शुभारंभ किया था.  इसका आरंभ 1950 में चुनाव आयोग के 61 वें स्‍थापना दिवस पर हुआ था. 2011 के पहले यह दिन अस्तित्‍व में नहीं था.

Also Read: National Girl Child Day: 24 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता हैं राष्ट्रीय बालिका दिवस, जानिए इतिहास और उद्देश्य

राष्ट्रीय मतदाता दिवस (National Voter’s Day 2024) की विषय वस्तु (Theme)

National Voters Day 2024: प्रति वर्ष मतदाता दिवस पर एक थीम के तहत कार्यक्रमों का राष्ट्रीय एवं स्थानीय स्तर पर आयोजन किया जाता है। उदाहरण के लिए वर्ष 2024 की थीम है- निर्वाचन को ‘समावेशी, सुगम एवं सहभागी बनाना’ (National Voters Day 2024 Theme: मजबूत लोकतंत्र के लिए चुनावी साक्षरता)। 

जागरूक करने के लिए अनेक कार्यक्रमों का आयोजन

इस दिन देश में सरकारों और अनेक सामाजिक संस्थाओं द्वारा लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. जिससे कि देश की राजनैतिक प्रक्रियाओं में लोगों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जा सके. लोगों की वोटिंग में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ-साथ मतदाताओं को एक अच्छा साफ-सुथरी छवि का प्रतिनिधि चुनने के लिए मतदान के लिए जागरूक करना है.

कौन दे सकता है वोट? भारत में वोट का अधिकार

भारत के संविधान के मुताबिक, जो भारत का नागरिक है और जिसकी उम्र 18 साल या उससे ज्यादा है. बिना किसी भेदभाव या सिटीजनशिप एक्ट के तहत इन लोगों को वोटिंग अधिकार दिया जाता है. जिन एनआरआई (NRI) के पास इंडियन पासपोर्ट होता है, उन्हें भी वोट देने का अधिकार होता है. 18 साल का होने पर व्‍यक्ति को मताधिकार प्राप्‍त हो जाता है. इसके बाद वह सभी प्रकार के लोकतांत्रिक चुनावों में वोट डाल सकता है. सभी मतदान केंद्र वाले क्षेत्रों में हर साल उन सभी पात्र मतदाताओं की पहचान की जाती है, जिनकी उम्र एक जनवरी को 18 वर्ष हो चुकी होगी. 

यह भी पढ़ें: National Voters Day: राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर जाने कैसे बनेंगे अच्छे नागरिक

National Voters Day 2024: Quotes, Status in Hindi

  • वोट की कीमत कभी न लेंगे, लेकिन वोट ज़रूर देंगे.
  • छोड़ के अपने सारे काम, पहले चलो करे मतदान.
  • लोकतंत्र का यह आधार, वोट न कोई हो बेकार.
  • मत देना अपना अधिकार, बदले में ना लो उपहार.
  • छोड़ो अपने सारे काम, पहले चलो करें मतदान.
  • जाएं, वोट डालने जाएं, अपना वोट काम में लाएं.
  • वोट हमारा है अधिकार, करें नहीं इसको बेकार.
  • नहीं करेंगे यदि मतदान, होगा बहुत बड़ा नुक़सान.

कैसे मनाया जाता है राष्ट्रीय मतदाता दिवस

  • इस दिन मतदाता को जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
  • इस दिन चुनावी प्रक्रिया में अच्छा प्रदर्शन करनेवाले लोगों को सम्मानित भी किया जाता है।
  • भाषण प्रतियोगिता, हस्ताक्षर अभियान, वोटर आईडी वितरण आदि कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है।
KhutSem Live

भारतीय निर्वाचन आयोग से जुड़ी खास बातें

  • भारतीय निर्वाचन आयोग या चुनाव आयोग भारत में संघ एवं राज्य के चुनाव का संचालन करता है।
  • लोकसभा, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्य विभानसभाओ के चुनाव इसकी देखरेख में ही होते हैं।
  • संविधान के अनुच्छेद 324-329 भारतीय निर्वाचन आयोग से संबंधित हैं।
  • भारतीय निर्वाचन आयोग का गठन 25 जनवरी, 1950 को हुआ था।

चुनाव आयोग का लक्ष्य क्या है?

राष्‍ट्रीय मतदाता दि‍वस के लक्ष्‍यों को ध्‍यान में रखते हुए नए योग्‍य मतदाताओं तक पहुंचने के लि‍ए देशभर में एक वि‍शेष अभि‍यान चलाया गया. आयोग ने इस बात पर जोर दि‍या कि अधि‍क से अधि‍क‍ महि‍लाओं को मतदाता बनाने के लि‍ए वि‍शेष अभि‍यान शुरू कि‍ए जाएं.


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published.