Rajasthan Day 2024: जानिए क्यों मनाया जाता है राजस्थान दिवस? क्या है यहां की खूबियां और इतिहास?

Rajasthan Diwas 2022 [Hindi] Quotes & History राजस्थान की खूबियां
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Rajasthan Day (Rajasthan Diwas 2024): राजस्थान दिवस या कहे राजस्थान स्‍थापना दिवस (Rajasthan Sthapana Divas) प्रतिवर्ष मार्च महीने के 30 तारिख को मनाया जाता है । राजस्‍थान क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का सबसे बड़ा राज्‍य एवं जनसंख्‍या के दृष्टि से सातवां सबसे बड़ा राज्‍य है। जानकारी के अनुसार राजस्‍थान का कुल क्षेत्रफल कुल 342,239 वर्ग किलोमीटर है। हर साल के तीसरे महीने में यानि कि मार्च में 30 तारीख को राजस्थान दिवस मनाया जाता है।

राजस्थान का इतिहास (History of Rajasthan Diwas)

जानकारी के अनुसार राजस्थान का अस्तित्व प्रागैतिहासिक काल से ही मिलता है। मेवाड़, मारवाड़, जयपुर, बुंदी, कोटा, भरतपुर और अलवर बड़ी रियासतें थीं। यहां चौहान, परमार, राठौड़, गहलोत वंशों का राज रहा है। मुगल और बाहरी आक्रमणों ने यहां के इतिहास को शौर्य गाथाओं से भर दिया। स्वाभिमान की जंग में पृथ्वी राज और महाराणा प्रताप से लेकर राणा सांगा, राणा कुंभा जैसे शूरवीर इस इतिहास को सहेजे रखा, वहीं तराइन, रणथंभौर, चित्तौड़, खानवा से लेकर हल्दी घाटी जैसे कई ऐतिहासिक युद्ध भी राजस्थान की धरती पर लड़े गए।

Rajasthan Diwas 2024: आमेर हुआ करती थी राज्य की राजधानी

जयपुर की स्थापना सन् 1727 में की गई थी. आमेर के राजा जयसिंह द्वितीय ने इस शहर का निर्माण करवाया था. बढ़ती आबादी और पानी की कमी के कारण उन्होंने अपनी राजधानी को आमेर से इस नए शहर जयपुर में स्थानान्तरित कर दिया था. इस शहर की बसावट तथा वास्तु, प्रसिद्ध वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य के सिद्धान्तों के अनुरूप की गई है. बताया जाता है कि 1876 में जब प्रिंस ऑफ वेल्स ने भारत का दौरा किया तो जयपुर में उनके स्वागत के लिए, तत्कालीन महाराजा रामसिंह ने पूरे शहर को गुलाबी (हिर्मिची) रंग में रंगवाया था. आमेर, नाहरगढ़ और जयगढ़ के किले तथा गुलाबी नगर जयपुर स्वागत के लिए तैयार किए गए थे.

Rajasthan Diwas 2024: राजस्थान के प्रतीक चिह्न

  • राज्य का पशु : ऊंट और चिंकारा
  • राज्य की पक्षी: गोडावण जिसो सोहन चिड़िया, हुकना, गुरायिन वगैरा के नाम से जाना जाता है।
  • राज्य का फूल: रोहिड़ा
  • राज्य का वृक्ष: खेजड़ी

राजस्थान के लोगों को उनके साहस और त्याग के लिए हमेशा याद किया जाता है

राजस्थान के लोगों को उनके साहस और त्याग के लिए हमेशा याद किया जाता रहा है. राजस्थान के लोग अपनी कड़ी मेहनत के लिए जाने जाते हैं. भौगोलिक विषमताओं और प्राकृतिक चुनौतियों के बावजूद यहां के नागरिकों की दृढ़ इच्छा शक्ति और आपसी सहयोग से प्रदेश का चहुंमुखी विकास हो सका है. राजस्थान में गरीब लोगों की सामाजिक, आर्थिक स्थिति में सुधार, संसाधनों में वृद्धि और राजनीति, व्यवसाय आदि सभी क्षेत्रों में विकास, हमारी खुशहाली के प्रतीक हैं.

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राजपूताना कहे जाने वाले राजस्थान का इतिहास गौरवशाली रहा है जिस पर हर प्रदेशवासी को गर्व है. मातृ भूमि की रक्षा एवं परम्पराओं तथा संस्कृति को अक्षुण्ण बनाये रखने में यहां के लोगों ने सदैव पहल की है. राजस्थान की कला, साहित्य और सांस्कृतिक पृष्ठ भूमि विश्व में अपनी अलग पहचान रखती है. कला−संस्कृति, पर्यटन, व्यापार, खेल और खेती सभी क्षेत्रों में सबसे आगे हैं राजस्थानी.

छेत्रफल में राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य

30 मार्च 1949 को राजपूताने के गठन की प्रक्रिया के साथ ही एक नवम्बर 1956 को राजस्थान के एकीकरण की प्रक्रिया पूरी हुई. 30 मार्च को प्रदेशवासी राजस्थान दिवस के रूप में मनाते हैं और अतीत के साथ साथ अपने वर्तमान को याद करते हैं. इस अवधि में राजस्थान में हुई प्रगति, विकास और उल्लेखनीय उपलब्धियों का गुणगान करते हैं. राज्य सरकार कई प्रकार के आयोजन कर राजस्थान की वीरता, त्याग और विकास के परिदृश्य की प्रदेशवासियों को जानकारी देती है.

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राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य है. राज्य का क्षेत्रफल 3.42 लाख कि.मी. है. यह देश के कुल क्षेत्रफल का 10.41 प्रतिशत है. राजस्थान की जनसंख्या 6.85 करोड़ है और साक्षरता की दर 66.1 प्रतिशत है. राजस्थान रेतीला, बंजर, पर्वतीय और उपजाऊ कच्छारी मिट्टी से मिलकर बना है.

राजस्थान पर्यटन के क्षेत्र में काफी समृद्धशाली राज्य

Rajasthan Diwas 2024: राजस्थान पर्यटन के क्षेत्र में काफी समृद्धशाली राज्य है. यहाँ के किले, हवेलियाँ, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर मेले, महल, झीलें, पर्यटकों को बरबस अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं. राजस्थान का पर्यटन के क्षेत्र में विश्व में प्रमुख स्थान है. पर्यटन राज्य के रूप में प्रदेश ने विश्व मानचित्र में अपनी अनूठी पहचान बनाई है. पर्यटन को रोजगार से जोड़कर प्रदेश के विकास के मार्ग को तेजी से प्रशस्त किया जा रहा है. पर्यटन विभाग ने राजस्थान दिवस मनाने का निर्णय किया है 30 मार्च को राजस्थान दिवस के अवसर पर जवाहर कला केंद्र में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा.

Credit: News18 Rajasthan

कॉविड गाइडलाइन सुनिश्चित करते हुए सभी जिला एवं संभाग मुख्यालयों पर प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएंगी. यही नहीं राजस्थान दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी स्मारक एवं संग्रहालयों में प्रवेश निशुल्क रखा गया है. राजस्थान स्थापना दिवस के अवसर पर छात्रों एवं अन्य नागरिकों के लिए हैरिटेज जागरूकता को प्रोत्साहित करने हेतु सभी छात्रों का राजकीय स्मारकों पर निशुल्क प्रवेश होगा. स्थापना दिवस के संदर्भ में कल  सभी जिलों में सम्भाग एवं जिला मुख्यालयों द्वारा प्रमुख राजकीय स्मारकों एवं सूचना केन्द्रों पर प्रदर्शनियाँ एवं अन्य कार्यक्रम करवाये जायेंगे. 

Rajasthan Diwas 2024 Quotes in Hindi

या धरती धोरा री या धरती मीठा बोरा री
या तो सुरगा ने शरमावे इ पर देव रमण न आवे
सारा नर नारी, मिल हरषाव
या धरती धोरा री,या धरती सतीया री

जिसका कण-कण वीरता की पहचान है,
वह प्राणों से प्यारा मेरा राजस्थान है.

वीरों ने अपने खून से
राजस्थानी माटी का किया बंदन है,
इसको माथे पर लगा लो
यह माटी नहीं चंदन है.

कण-कण से गूजे जय-जय राजस्थान,
बढ़ा देता है भारत का गौरव और सम्मान।

धौला धौला धोरिया, ऊटा लदी कतार
घूंघट वाली गोरड़ी, अर मुछिया वाला मुटियार

  • जिसका हर कण-कण करता वीरा रा गुणगान, शीश नवावा उण माटी ने जय जय राजस्थान।
  • मेरे रक्त की पहचान राजस्थान, सर्वश्रेष्ठ सम्मान जब जन्मभुमि हो राजस्थान ||

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