UPI Payment Charges: पूरी तरह फ्री रहेगी यूपीआई पेमेंट सर्विस, वित्त मंत्रालय का आधिकारिक ब्यान

UPI Payment Charges [Hindi] पूरी तरह फ्री रहेगी यूपीआई पेमेंट सर्विस
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UPI payment charges [Hindi]: वित्त मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा कि UPI पेमेंट सर्विस पर किसी तरह का चार्ज लगाने का विचार नहीं किया जा रहा है. सरकार ने डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम के लिए आर्थिक मदद को जारी रखने का फैसला किया है.

सरकार यूपीआई पेमेंट सर्विस पर किसी तरह का चार्ज लगाने पर विचार नहीं कर रही है. सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए कॉस्ट रिकवरी के लिए अन्य विकल्पों पर विचार किया जाएगा. डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सरकार ने पिछले साल आर्थिक मदद का ऐलान किया था. यह मदद इस साल भी जारी रहेगी.

UPI क्या है?

  • यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) एक त्वरित भुगतान प्रणाली है जिसे भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा बनाया गया है और RBI द्वारा रेगुलेट किया जाता है। UPI को IMPS इंफ्रास्ट्रक्चर के ऊपर विकसित किया गया है और यह एक बैंक अकाउंट से दूसरे बैंक अकाउंट में पैसे ट्रान्सफर करने की अनुमति देता है
  • UPI- पिन (UPI पर्सनल आइडेंटिफिकेशन नंबर), जो कि 4-6 अंकों का पास कोड है, ट्रांन्जेक्शन करने के लिए आवश्यक है। यह UPI ऐप के साथ आपके पहली बार रजिस्टर करने के दौरान बनाया जाता है। सुरक्षा आधार पर यह सलाह दी जाती है कि किसी भी व्यक्ति के साथ अपना UPI-पिन साझा न करें

UPI Payment Charges [Hindi] | 1500 करोड़ की आर्थिक मदद दी गई थी

UPI payment charges: वित्त मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा कि UPI पेमेंट सर्विस पर किसी तरह का चार्ज लगाने का विचार नहीं किया जा रहा है. सरकार ने डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम के लिए आर्थिक मदद को जारी रखने का फैसला किया है. पिछले साल सरकार ने डिजिटल पेमेंट सिस्टम के कारण होने वाले MDR चार्ज के नुकसान के लिए 1500 करोड़ का ऐलान किया था. 

वित्त मंत्रालय ने किया ट्वीट

वर्तमान में यूपीआइ के माध्यम से किए गए लेनदेन पर किसी तरह का शुल्क नहीं लगता है। वित्त मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा, ‘यूपीआइ ने अर्थव्यवस्था को बहुत लाभ पहुंचाया है। सरकार इसके जरिये भुगतान पर शुल्क लगाने पर विचार नहीं कर रही है। जहां तक ट्रांजेक्शन के दौरान लगने वाली लागत की बात है तो सर्विस प्रोवाइडरों की इस चिंता को किसी और तरीके से पूरा किया जाएगा।’

इस वजह से सरकार नहीं लगाना चाहती कोई चार्ज

केंद्रीय वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने साफ कर दिया है कि जो भी यूपीआई (UPI) की सेवा प्रदान कर रहा है, उसे किसी और तरीके से अपनी लागत निकालने पर विचार करना होगा. वित्त मंत्रालय ने कहा कि यूपीआई के माध्यम से भुगतान लोगों के लिए बेहद सुविधाजनक है और डिजिटल पेमेंट से इकोनॉमी को फायदा है. इसलिए सरकार ऐसी कोई तैयारी नहीं कर रही है.

UPI Payment Charges [Hindi] | RBI ने की थी यह सिफारिश

आरबीआइ ने अपने परामर्श पत्र में यूपीआइ के जरिये फंड ट्रांसफर को आइएमपीएस जैसा ही माना है और इसलिए यह तर्क दिया जा रहा है कि जिस तरह आइएमपीएस में शुल्क लिया जाता है, ठीक उसी तरह यूपीआइ के जरिये फंड ट्रांसफर पर शुल्क लिया जाए।

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1 जनवरी 2020  से UPI सर्विस चार्ज फ्री है

सरकार ने 1 जनवरी 2020 को रूपे डेबिट कार्ड और UPI को चार्ज मुक्त कर दिया था. ऐसे में प्रत्येत ट्रांजैक्शन पर MDR चार्ज का नुकसान हो रहा था. इसकी भरपाई के लिए ही आर्थिक मदद दी जा रही है. बता दें कि यूपीआई सर्विस ऑनलाइन लेनदेन का सबसे आसान और पॉप्युलर माध्यम बन गया है.

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NPCI के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में यूपीआई की मदद से 600 करोड़ ट्रांजैक्शन किए गए. इन ट्रांजैक्शन की मदद से 10.2 लाख करोड़ रुपए का ट्रांजैक्शन पूरा किया गया. मंथली आधार पर सैकड़ों करोड़ ट्रांजैक्शन से होने वाले एमडीआर चार्ज नुकसान का अंदाजा लगाया जा सकता है.

UPI Payment Charges [Hindi] | लोग खूब कर रहे यूपीआई का इस्तेमाल

एनपीसीआई (NPCI) के द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश में हर महीने यूपीआई पेमेंट का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। आंकड़े बताते हैं कि देश में कुल 600 करोड़ ट्रांजैक्शन सिर्फ बीते जुलाई के महीने में किए गए हैं। इसमें कुल 10.2 लाख रुपये की रकम की लेन देन की गई है। देश में यूपीआई इस्तेमाल करने वालों की दर में करीब 7 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि हुई है।

चार्ज वसूलने के लिए आरबीआई का तर्क

रिजर्व बैंक के मुताबिक, इसमें सार्वजनिक रुपये लगे हैं। ऐसे में इसकी कॉस्‍ट निकालना जरूरी है। रिजर्व बैंक ने ये भी साफ क‍िया क‍ि रीयल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट यानी आरटीजीएस में लगाया गया शुल्क कमाई का साधन नहीं है। यूपीआई पर होने वाले खर्च को ल‍िया जाएगा, जिससे यह फैसिलिटी भव‍िष्‍य में बिना किसी बाधा के जारी रह सकें।

UPI Payment Charges [Hindi] | UPI ट्रांन्जेक्शन पर अपेक्षित शुल्क

वर्तमान में, UPI एक नि: शुल्क फंड ट्रांसफर मोड है। हालांकि NPCI ने संकेत दिए हैं कि UPI ट्रांन्जेक्शन के लिए शुल्क 0.50 रुपये की सीमा में आएगा।इस ऱाशि से, इस सेवा का उपयोग करने की इच्छा रखने वाले किसी भी ग्राहक के लिए समस्या नहीं होगी। अगर यह वास्तव में सच होता है, तो मुख्य लाभार्थी वास्तव में जनता होगी।

UPI सिस्टम का लाभ (Benefits of UPI System)

UPI सिस्टम को भारतीय फाईनेंस सेटअप के लिए क्रांतिकारी लॉन्च माना जाता है। इसका प्राथमिक उद्देश्य बैंकिंग ट्रांन्जेक्शन को सुचारू और आसान बनाना है। आइए हम UPI फंड ट्रांसफर के कुछ प्रमुख लाभों का विश्लेषण करते हैं जो निश्चित रूप से जनता को पता होना चाहिए।

  • UPI ट्रांसफर तुरंत होता है और काम के घंटे या छुट्टियों का कोई प्रतिबंध नहीं है। इसके अलावा, बैंक हड़ताल का UPI भुगतान को प्रभावित नहीं करते हैं
  • UPI फंड ट्रांसफर करने के लिए आपको किसी बैंक अकाउंट नंबर या लाभार्थी के IFSC कोड की आवश्यकता नहीं है
  • दिलचस्प बात यह है कि आप एक ही UPI ऐप के जरिए कई बैंक अकाउंट से पैसे का ट्रांन्जेक्शन कर सकते हैं
  • किसी नए आदाता को फंड ट्रांसफर करने के लिए 24 घंटे इंतज़ार करने की जरूरत नहीं है। किसी भी अतिरिक्त समय लिया बिना किसी को तुरंत धन भेजा जा सकता है।

डेबिट कार्ड लेनदेन पर भी शुल्क लेना चाहता है आरबीआई

लेकिन उन लागतों को कौन वहन करेगा यह आरबीआई पेपर के माध्यम से जानना चाहता है, अप्रत्यक्ष रूप से संकेत देता है कि सभी को लागत वहन करनी चाहिए। आरबीआई ने अपने पेपर में कहा, “लेकिन इस तरह के बुनियादी ढांचे की स्थापना और संचालन की लागत किसे वहन करनी चाहिए, यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है…”। चूंकि पेपर पूरे पेमेंट सिस्टम की स्थापना पर खर्च की गई लागत की वसूली के बारे में बात करता है, आरबीआई डेबिट कार्ड लेनदेन पर भी एक निश्चित शुल्क लेना चाहता है, जो वर्तमान में मुफ्त है।


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