World Food Day 2023 [Hindi]: क्यों मनाया जाता है विश्व खाद्य दिवस, क्या है इसका इतिहास और महत्व?

World Food Day 2022 [Hindi] Theme, History, Quotes, Speech
Spread the love

World Food Day 2023 [Hindi] | फूड का हमारे जीवन में विशेष महत्व होता है। कहा जाता है, अगर आप अच्छा खाते हैं तो आपकी सोच भी अच्छी होती है। यानि आपका विकास भोजन पर आधरित है। 16 अक्टूबर यानी कल वर्ल्ड फ़ूड डे है। हर साल इस दिन लोगों को पौष्टिक आहार के बारे में जागरूक किया जाता है। हेल्दी रहने के लिए क्या खाना जरूरी है, इसकी जानकारी दी जाती है। कई लोग भोजन को लेकर बहुत लापरवाह होते हैं। बस उन्हें खाने को कुछ भी चाहिए…चाहे वो भोजन कितना भी अनहेल्दी हो…. ऐसे लोग बहुत जल्दी बीमार पड़ते हैं और डॉक्टर के यहां चक्कर लगाते हैं। तो आइए इस वर्ल्ड फ़ूड डे के खास मौके पर पौष्टिक आहार के बारे में बताते हैं, जो आपके जीवन के लिए बहुत जरूरी है।

Table of Contents

वर्ल्‍ड फूड डे क्‍यों मनाया जा सकता है (Why World Food Day is Celebrated)

वर्ल्‍ड फूड डे मनाने का मुख्‍य उद्देश्‍य भुखमरी से पीड़ित लोगों को जागरुक करना है. ये काम खाद्य और कृषि संगठन के सदस्‍यों ने इस दिन की शुरुआत की थी. बता दें कि संगठन के 20वें महासम्‍मेलन में इस दिन के विषय में प्रस्‍ताव रखा गया था. सन् 1981 से हर साल इसे मनाया जा रहा है. इसके अलावा भी कई और ऑर्गेनाइजेशन जैसे इंटरनेशनल फंड फॉर एग्रीकल्‍चरल डेवलपमेंट, वर्ल्‍ड फूड प्रोग्राम दुनियाभर में लोगों को खाने के प्रति जागरुक करने का काम कर रही हैं.

वर्ल्‍ड फूड डे का मुख्‍य उद्देश्‍य (Aim)

दुनियाभर के 150 देशों में 16 अक्‍टूबर को वर्ल्‍ड फूड डे मनाया जाता है. सन 1945 में इसी दिन रोम में फूड एंड एंग्रीकल्‍चर ऑर्गेनाइजेशन, एफएओ की स्‍थापना की गई थी. इस संगठन का मुख्‍य उद्देश्‍य बदलती टेक्‍नोलॉजी के साथ कृषि, पर्यावरण, खाद्य सुरक्षा और पोषक तत्‍व के विषय में जानकारी देना है. ताकि पूरी दुनिया में खाद्य पदा‍र्थों की गुणवत्‍ता को बढ़ाई जा सके और मालन्‍यूट्रिशन से पीड़ित लोगों को पोषित किया जा स‍के. इसी के चलते साल 1979 में क्रांग्रेस ऑफ एफएओ ने वर्ल्‍ड फूड डे मनाने की घोषणा की गई थी.

विश्व खाद्य दिवस का इतिहास (World Food Day in Hindi)

विश्व खाद्य दिवस पहली बार नवंबर 1979 में मनाया गया था। विश्व खाद्य दिवस मनाने का सुझाव हंगरी के पूर्व कृषि और खाद्य मंत्री डॉ पाल रोमानी ने दिया था। उसी वक्त से यह दिन दुनिया भर के 150 से अधिक देशों में मनाया जाता है। हालांकि कई रिपोर्ट में दावा किया गया जाता है कि संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन के 20वें महासम्मेलन में इस दिन के बारे में प्रस्ताव रखा गया था और इस दिन को 1981 मनाना शुरू किया गया था।

जानिए वर्ल्ड फूड डे जुड़े ये फैक्ट्स (Facts about World Food Day in Hindi)

  • रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 821 मिलियन लोग लंबे समय से कुपोषित हैं। कोरोना महामारी के बाद ये आंकड़ा और बढ़ गया है।
  • लगभग 99 फीसदी कुपोषित लोग विकासशील देशों में रहते हैं। -दुनिया भर में भूखे लोगों में लगभग 60 प्रतिशत महिलाएं और बच्चे हैं।
  • लगभग पांच में से एक बच्चे को जन्म के साथ ही पोषित आहार नहीं मिल पाता है।
  • हर साल लगभग 20 मिलियन शिशु जन्म के समय कम वजन के साथ पैदा होते हैं, उनमें से 96.5% विकासशील देशों में होते हैं।
  • 5 साल से कम उम्र के बच्चों में होने वाली कुल मौतों में से लगभग 50 फीसदी मौत कुपोषण के कारण होती है।

दुनिया में खाद्य असामनता की तस्वीर

दुनियाभर में तमाम प्रोग्राम और संयुक्त राष्ट्र की कोशिशों के बावजूद खाद्य असामनता और कुपोषण को अभी तक खत्म नहीं किया जा सका है. खाद्य और कृषि संगठन के मुताबिक, इसका एक बड़ा कारण देशों के बीच संघर्ष, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक मंदी है. वहीं, साल 2020 में आई कोरोना वायरस महामारी ने इस अंतर को और बढ़ाने के काम किया है.

भारत में भूखमरी के आंकड़े (Global Hunger Index 2023 Report)

वैश्विक भुखमरी यानी हंगर इंडेक्स में रैंकिंग के अनुसार, 121 देशो में भारत 107वें स्थान पर आ गया है.यानी 121 देशों में भुखमरी के आंकड़ों में भारत की स्थिति 107वें पायदान पर है. बता दें कि इससे पहले भारत 116 देशों की रैंकिंग में 101वें स्थान पर था. इसमें सबसे ज्यादा हैरानी की बात ये है कि भारत अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल से भी पीछे है. इस रैंकिंग में साउथ एशिया के देशों में अफगानिस्तान के बाद सबसे ज्यादा

इस साल विश्व खाद्य दिवस की थीम क्या है? (Theme For World Food Day in Hindi)

इस वर्ष की थीम ‘किसी को पीछे न छोड़ें'(Leave NO ONE behind) है। एफएओ का कहना है कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों से पौष्टिक भोजन तक पहुंच और उपलब्धता में तेजी से बाधा आ रही है। समस्या विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले ‘अत्यधिक गरीब’ के रूप में वर्गीकृत 80% लोगों के लिए विकट है। वे मानव निर्मित और प्राकृतिक आपदाओं से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। कुछ लिंग और जातीय मूल के कारण भी हाशिए पर हैं।

विश्व खाद्य दिवस (वर्ल्ड फ़ूड डे) का इतिहास (History)

विश्व खाद्य दिवस (वर्ल्ड फ़ूड डे-WFD) की स्थापना संगठन के 20वें जनरल सम्मेलन में नवंबर 1979 में AFO (खाद्य और कृषि संगठन) के सदस्य देशों द्वारा की गई थी। डॉ पाल रोमानी, हंगरी के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य और तत्कालीन कृषि और खाद्य मंत्री, ने AFO के 20वें जनरल सम्मेलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और दुनिया भर में वर्ल्ड फ़ूड डे-WFD को लॉन्च करने का विचार प्रस्तावित किया था।

■ Also Read | World Health Day: Slogan, Quotes in English, Healthy Life Habits Blog

तब से हर साल विश्व खाद्य दिवस (वर्ल्ड फ़ूड डे) 150 से अधिक देशों में मनाया जाता है और भूख तथा गरीबी के पीछे समस्याओं और कारणों की चेतना और ज्ञान के बारे में जागरूक करता है।

भारत अभी भी उच्च स्तर की गरीबी से जूझ रहा है

आर्थिक रूप से मजबूत होने के बावजूद, भारत अभी भी उच्च स्तर की गरीबी, खाद्य असुरक्षा और कुपोषण से जूझ रहा है। पिछले दो दशकों में अमीर और गरीब के बीच आय का अंतर बढ़ा है। कोरोना महामारी के बाद स्थितियां और खराब हुई हैं। स्थिति से निपटने के लिए विश्व खाद्य कार्यक्रम भारत सरकार के साथ मिलकर कई कदम उठा रहा है। भारत सरकार भी खाद्य सुरक्षा से संबंधित कई योजनाएं चला रही है।

दुनिया में कितने लोगों को मिल रहा पूरा पोषण?

भुखमरी और खाद्य को लेकर दुनियाभर में असमानता की एक तस्वीर हमें इससे भी मिलती है कि अलग-अलग देशों में लोगों को कितने पोषक तत्व मिल रहे हैं.

डेटा वेबसाइट, Our World Data के मुताबिक, दुनियाभर में कैलोरी, कार्ब्स और प्रोटीन जैसे पोषक तत्वों में भी भारी असामनता है.

नीचे दिए गए चार्ट से हमें पता चलता है कि अमेरिका, कनाडा और कुछ यूरोपीय देशों में जहां प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 3500 kcal मिल रही हैं, वहीं भारत में ये आंकड़ा हजार किलो कैलोरीज (kcal) कम है. वहीं, अफ्रीका के कई देश ऐसे हैं, जहां एक व्यक्ति को एक दिन में 2000 से भी कम kcal मिल रही हैं. दक्षिण सुडान, कॉन्गों और लीबिया की हालत ऐसे है कि वहां का डेटा तक उपलब्ध नहीं है.

मैप पर जहां ज्यादा हरा है वहां ज्यादा कैलोरी मिल रही है.

जलवायु परिवर्तन ने कैसे खाद्य संकट को बढ़ाया?

सबसे पहले हम भारत के परिदृश्य में इसी साल खेती-किसानी का हाल देखें तो इस साल की रबी की फसल को हीटवेव से काफी भयंकर नुकसान पहुंचा. इस अप्रैल-मई में हीटवेव ने अपना 122 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया.

  • हीटवेव की वजह से भारत के कई हिस्सों में तापमान 50 डिग्री के आस-पास पहुंच गया था, जिसका असर गेहूं की फसल पर भी पड़ा. इस साल देश में 111.32 मिलियन टन गेहूं का उत्पादन हुआ, जो पिछले साल की तुलना में 3.8 मिलियन टन कम है.
  • फल सब्जियों की बात करें तो आम, अंगूर, बैंगन और टमाटर की खेती को भारी नुकसान हुआ. गर्मी की वजह से कलियां ही मर गईं थीं. ऐसे में फसल तैयार होने का सवाल ही नहीं है.
  • इसके परिणामस्वरूप किसान कर्ज में चला गया.

उसके बाद जब बारिश का मौसम आया तो आसमान मेहरबान नहीं हुआ, जिससे जुलाई-अगस्त में सूखे जैसी स्थिति का समाना करना पड़ा.

मानव खुद ही मानवता को समाप्त कर रहा है?

इंसानी विकास ने पृथ्वी के 70 प्रतिशत से अधिक भूमि क्षेत्र को बदल दिया है, जिसे ‘ग्लोबल लैंड आउटलुक’ ने “अद्वितीय पर्यावरणीय गिरावट” करार दिया है. कई जगहों पर मिट्टी की, पानी को रोकने और छानने की क्षमता कम हो रही है, जिससे फसल उगाना और पशु-पालन में मुश्किलें आ रही हैं. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगर इस सदी में मौजूदा भूमि क्षरण की प्रवृत्ति जारी रहती है, तो खाद्य आपूर्ति में बाधा पैदा हो सकती है. जलवायु परिवर्तन के कारण चरम मौसम घटनाएं, जैसे कि भारी बारिश के बाद सूखे का कहर, भूमि क्षरण में तेजी ला सकता है.

एक तरफ भुखमरी तो दूसरी ओर खाने की बर्बादी

संयुक्त राष्ट्र ने आगाह किया है कि भोजन की कमी, भुखमरी और कुपोषण की समस्या से दुनिया का हर देश पीड़ित है. इसलिए भोजन का नुकसान और बर्बादी रोकने के लिये तत्काल कार्रवाई करनी होगी.

  • साल 2019 में उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध कुल भोजन का 17 फीसदी हिस्सा फेंक दिया गया और वह बर्बाद हो गया.
  • विश्व में कुल उत्पादित भोजन के 14 प्रतिशत का नुकसान होता है. वहीं, घरों, फुटकर, रेस्तरां और अन्य खाद्य सेवाओं में 17 प्रतिशत भोजन की बर्बादी होती है. यह प्रति वर्ष 400 अरब डॉलर के नुकसान के बराबर है.
  • भारत में प्रति व्यक्ति हर साल औसतन 50 किलो तक खाना बर्बाद होता है.
  • संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के घरों में हर साल लगभग 68.7 मिलियन टन खाना बर्बाद होता है.
  • पर्याप्त खाद्य सुरक्षा के बावजूद यूएन के आंकड़े बताते हैं कि लगभग 190 मिलियन भारतीय कुपोषित हैं.

अच्छे स्वास्थ्य के लिए खाए ये फूड (Heathy Diet for Healthy Life)

हरी सब्जियां और फलों का करें सेवन 

स्वस्थ शरीर के लिए सब्जियों का सेवन जरूरी है। हरी सब्जियां और ताजे फल पौष्टिकता से भरपूर होते हैं। रोजाना फल और सब्जी खाना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। 

ड्राई फ्रूट्स शरीर को बनाएंगे मजबूत

अपनी डाइट में ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम, काजू, पिस्ता और अखरोट आदि को भी शामिल करें। ड्राई फ्रूट्स एक तरह से इम्यूनिटी बूस्टर की तरह काम करते हैं। ये तरह-तरह की बीमारियों से लड़ने में आपके शरीर की मदद करते हैं। को मजबूत बनाते हैं।

खाने में रोजाना दाल को करें एड

आपको रोजाना दाल खानी चाहिए। दाल की भी कई वैरायटी हैं और सभी आपके स्वास्थ्य के लिए बेस्ट हैं। आप अरहर, मसूर, चना, मूंग आदि दाल को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं। दाल में प्रोटीन, मिनरल्स और पौष्टिक तत्व होते हैं, जो बीमारियों से बचाने में आपकी मदद कर सकते हैं।

150 देश मिलकर मनाते हैं ये दिवस

गौरतलब है कि हमारे देश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में कुपोषण (Malnutrition) के मामले बढ़ रहे हैं. इसलिए लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है. एक व्यक्ति को स्वस्थ रहने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर खाना बहुत अहम है, लेकिन आज भी हजारों लोग कुपोषण की वजह से अपनी जान गवां रहे हैं. ऐसे में खाने को हर व्यक्ति का  मौलिक और बुनियादी अधिकार माना जाता है. इसलिए करीब 150 देश मिलकर यह दिवस मनाते हैं. 

Read in English | World Food Day: Know How The World is Being Nurtured

क्या है खाद्य और कृषि संगठन?

फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन यानी खाद्य और कृषि संगठन (FAO) संयुक्त राष्ट्र की एक खास एजेंसी है, जिसकी स्थापना 16 अक्टूबर 1945 को हुई थी. इसका मुख्यालय इटली के रोम में है. यह पूरी दुनिया में 130 से अधिक देशों में काम करता है. FAO का उद्देश्य सभी के लिए आवश्यक खाद्य सुरक्षा हासिल करना है.

Quotes For World Food Day in Hindi

  • “फूड चेन में मौजूद सभी फूड सेफ्टी में भी शामिल हैं”-माइक जोहान्स
  • “जब मेरी थाली में कम होता है तब मैं एक बेहतर इंसान होता हूं”- एलिजाबेथ गिल्बर्ट
  • “सभ्यता, जैसा कि आज ज्ञात है, पर्याप्त खाने की आपूर्ति के बिना विकसित नहीं हो सकती थी और न ही यह जीवित रह सकती है”-नॉर्मन बोरलॉग
  • “दुनिया में ऐसे लोग हैं जो इतने भूखे हैं कि उनके लिए रोटी के रूप के अलावा भगवान किसी और तरह प्रकट नहीं हो सकते”- महात्मा गांधी

भुखमरी के प्रमुख कारण

वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार देश के होटलों, पार्टियों, तथा अन्य बड़े प्रोग्राम में लगभग 40 प्रतिशत खाना खराब हो जाता है या उसे कूड़े में डाल दिया जाता है। अगर विश्व में ताजी सब्जियों की बात करें तो लाखों कुन्तल सब्जी सड़ जाती है। जिसे फैंक दिया जाता है।

FAQ,s About World Food Day in Hindi

Q. विश्व खाद्य दिवस कब मनाया जाता है?

Ans : विश्व खाद्य दिवस 16 अक्टूबर को मनाया जाता है।

खाद्य पदार्थ किसे कहते हैं?

खाद्य पदार्थ पदार्थ को कहते हैं जो खाने एवं पीने योग्य है।

विश्व खाद दिवस सबसे पहले कब मनाया गया था?

विश्व खाद दिवस सबसे पहले वर्ष 1979 में मनाया गया था।


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Bubble Tea Google Doodle [Hindi]: गूगल डूडल मना रहा है बबल टी की लोकप्रियता का जश्न, आप भी घर पर ऐसे बना उठा सकते हैं लुत्फ Agni 5 Missile Test News [Hindi] Test, Speed, Range, Launch Date गांधी जयंती की तरह मनाई जाएगी बिरसा मुंडा जयंती (Birsa Munda Jayanti): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी Rishi Sunak News [Hindi] | ऋषि सुनक बने ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री , 28 October को लेंगे शपत ISRO Satellite Internet [Hindi] | इसरो ने एक साथ 36 वनवेब सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में भेज रचा इतिहास
Bubble Tea Google Doodle [Hindi]: गूगल डूडल मना रहा है बबल टी की लोकप्रियता का जश्न, आप भी घर पर ऐसे बना उठा सकते हैं लुत्फ Agni 5 Missile Test News [Hindi] Test, Speed, Range, Launch Date गांधी जयंती की तरह मनाई जाएगी बिरसा मुंडा जयंती (Birsa Munda Jayanti): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी Rishi Sunak News [Hindi] | ऋषि सुनक बने ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री , 28 October को लेंगे शपत ISRO Satellite Internet [Hindi] | इसरो ने एक साथ 36 वनवेब सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में भेज रचा इतिहास