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World Heritage Day: हमारे इतिहास और संस्कृति को सहजने के लिए हमारा एक कदम यह भी है कि हम अपनी धरोहरों का संरक्षण करें। सालों पहले हुए निर्माण का संरक्षण करना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि समय के साथ सिर्फ इंसान ही नहीं इमारतें भी बुढ़ी होती हैं। ऐसे में जरूरी है कि यह स्थिति निर्मित न हो कि यह जर्जर अवस्था में आएं और हमारे स्वर्णिम इतिहास का कोई प्रमाण न शेष बचे इसलिए संपूर्ण विश्व में 18 अप्रेल को विश्व धरोहर दिवस के रूप में मनाया जाता है। जानिए World Heritage Day 2021 की Theme, Quotes, History, Essay की सम्पूर्ण जानकारी freshnew.in के माध्यम से Hindi में।

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World Heritage Day: Taj Mahal image India

World Heritage Day Essay in Hindi

अंतराष्ट्रीय विरासत दिवस हमे याद दिलाता हैं की हमे ऐतिहासिक स्थलों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी पूरी तरह से निभानी चाहिए और ऐसी जगहों पर ना तो गन्दगी फैलानी चाहिए और ना ही दीवारों पर कुछ लिखना चाहिए. हमे आज के समय में हर छोटी छोटी चीजों को लेकर संवेदनशील होने की आवश्यकता हैं क्यूंकि हमने अपने स्वार्थ के कारणवश ही बहुत सी चीजों को नष्ट कर दिया हैं जिसमे सबसे पहले वो जानवर या पक्षी आते हैं जो आज हमारी वजह से जिनका अस्तित्व इस संसार से लुप्त हो गया हैं. कम से कम हम आज के दिन पर तो इस चीज़ को लेकर जागरूक हो जाए की अपने देश की विरासत को ना तो नुक्सान पहुंचाए और ना ही किसी को पहुंचाने दे.

विश्व धरोहर दिवस का इतिहास (World Heritage Day History in Hindi)

सर्वप्रथम विश्व धरोहर दिवस 18 अप्रैल, 1982 को ट्यूनीशिया में ‘इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ मोनुमेंट्स एंड साइट्स’ द्वारा मनाया गया था। 1968 में एक अंतरराष्ट्रीय संगठन ने विश्व प्रसिद्ध इमारतों और प्राकृतिक स्थलों की रक्षा के लिए एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया था जो कि स्टॉकहोम में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में पारित किया गया। इसके बाद “यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सेंटर” अस्तित्व में आया। 18 अप्रैल, 1978 में विश्व के कुल 12 स्थलों को विश्व स्मारक स्थलों की सूची में शामिल किया गया। इस दिन को तब ‘विश्व स्मारक दिवस’ के रूप में मनाया जाता था। लेकिन यूनेस्को ने वर्ष 1983 नवंबर माह में इस दिवस को “विश्व विरासत या धरोहर दिवस” के रूप में बदल दिया।

World Heritage Day 2021 Theme in Hindi

इस वर्ष World Heritage Day 2021 का थीम ‘कॉम्प्लेक्स पास्ट: डाइवर्स फ्यूचर्स’ है। हमारे इतिहास में सब कुछ सकारात्मक या अच्छा नहीं रहा है। इतिहास के कुछ पन्नों को बेहद हिंसक कहना गलत नहीं होगा। शायद उन्हें भूल जाना सबसे अच्छा है। एक समुदाय इतिहास को इस तरह से सोच सकता है, अन्य लोग इसे दूसरे दृष्टिकोण से देख सकते हैं। स्मारक का निर्माण इसका इतिहास का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जाता है, जिसे देखने का एक महत्वपूर्ण बिंदु हो सकता है।

विश्व धरोहर दिवस का महत्व

हमारा अतीत कितना गौरवमयी रहा है उसका साक्षात हस्ताक्षर हैं यह धरोहरें। अतीत के किस्से, निर्णय, युद्ध, महापुरुष, जीत-हार, कला सब इन्हीं से जुड़े हैं। हर देश के पास अपने अतीत की एक कहानी है जो कि इतिहास के पन्नों पर दर्ज है और ये इतिहास बनता ऐसे ही स्थलों से हैं। इतिहास के अस्तित्व का जीवंत प्रमाण हैं ये धरोहरें। धरोहरें अपनी गाथाएं खुद सुनाती हैं।

कैसे मनाया जाता है विश्व धरोहर दिवस

आजकल धरोहरों के संरक्षण के लिए संपूर्ण विश्व में बहुत सारे संगठन काम करते हैं। ऐसे में विश्व धरोहर दिवस पर हेरिटेज वॉक, फोटो वॉक आदि का आयोजन होता है। कई सारे लोग धरोहरों की यात्रा करते हैं, उनके बारे में जानकारी जुटाते हैं और उनके संरक्षण की शपथ भी लेते हैं। कोरोनाकाल में लेकिन यह सब करना बहुत मुश्किल हो चुका है। ऐसे में सारे कार्यक्रम ऑनलाइन ही होते हैं। धरोहरों के ऑनलाइन टूर्स करवाए जाते हैं।

Speech on World Heritage Day

सुप्रभात बच्चों – मुझे आशा है कि आप सभी अच्छे से अपनी पढाई कर रहे हैं और यदि आपको अपने अध्ययन से संबंधित कोई समस्या है तो कृपया मेरे कार्यालय में मुझसे मिलने में संकोच महसूस ना करें। आज मेरे साथ-साथ शिक्षकों ने विश्व विरासत दिवस पर भाषण समारोह के लिए सभी बच्चों को इकट्ठा करने का फैसला किया। चूंकि विश्व विरासत दिवस नजदीक ही है इसलिए मैं इस विषय पर अपने बच्चों को कुछ बताना चाहता था। इस विद्यालय के प्राचार्य के रूप मे मैं न केवल शिक्षा में अपने बच्चों को अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहता हूँ बल्कि उन विषयों पर ज्ञान प्रदान करने के लिए काम करता हूं जो मानव जाति को बहुत फ़ायदा पहुंचा सकते हैं।

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विश्व विरासत को मानव जाति की आम संपत्ति के रूप में वर्णित किया गया है। यह दिन हमारे समृद्ध सांस्कृतिक अतीत का एक शानदार अनुस्मारक है और हमारी जिम्मेदारी न केवल हमारे लिए बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी विरासत को संरक्षित करने की भी है। निस्संदेह विरासत स्थलों की देख-रेख और उन्हें संरक्षित किया जाना चाहिए। वे मानव जाति के लिए अमूल्य संपत्ति हैं। विश्व विरासत दिवस को मनाने की तारीख 18 अप्रैल है और इसकी शुरुआत पहली बार वर्ष 1982 में हुई थी। आईसीओएमओएस, यानी इंटरनेशनल काउंसिल फॉर मोनुमेंट्स एंड साइट्स (स्मारकों और स्थलों के लिए अंतर्राष्ट्रीय परिषद) ने अफ्रीकी देश ट्यूनीशिया में एक संगोष्ठी शुरू की थी।

Credit: WION

दुनिया भर में “स्मारकों और साइटों के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस” मनाने का आह्वान किया गया था। इस विचार ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और समिति के सदस्यों ने सुझाव के लिए अनुमोदन दिया। इस प्रस्ताव को बाद में यूनेस्को सामान्य सम्मेलन में पेश किया गया जहां नवंबर 1983 के महीने में एक डिक्री पारित की गई थी। उस महत्वपूर्ण दिन के बाद से पूरी दुनिया ने “अंतर्राष्ट्रीय स्मारक और साइट्स दिवस” का निरीक्षण करना शुरू किया जिसे 18 अप्रैल को “विश्व विरासत दिवस” भी कहा जाता है।

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हमारी साइट्स और स्मारकों को केवल वैश्विक समुदाय के संयुक्त प्रयासों के माध्यम से ही सुरक्षा दी जा सकती है। विश्व विरासत के दिन हमारी सांस्कृतिक संपदा की विविधता के बारे में लोगों को जानकारी प्रदान करने के लिए जागरूकता अभियान आयोजित किए जा रहे हैं और इसे सुरक्षित और संरक्षित करने के लिए समाधान की आवश्यकता है। यह सच है कि विरासत स्थलों पर विभिन्न जोखिम कारक मंडरा रहे हैं और इसलिए हमें इन बहुमूल्य संपत्तियों को सुरक्षा प्रदान करने में हमारी सर्वोत्तम क्षमता का उपयोग करना चाहिए।

जाने भारत के विश्व धरोहर स्थल?

  • आगरा का किला (1983)
  • अजंता की गुफाएं (1983)
  • एलिफेंटा की गुफाएं (1987)
  • एलोरा की गुफाएं (1983)
  • लाल किला परिसर (2007)
  • खजुराहो में स्मारकों का समूह (1986)
  • सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान (1987)
  • काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (1985)
  • नालंदा महाविहार (नालंदा विश्वविद्यालय), बिहार (2016)
  • केओलादेओ नेशनल पार्क (1985)
  • सांची बौद्ध स्मारक (1989)
  • बोध गया में महाबोधि मंदिर परिसर (2002)
  • छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (पूर्व में विक्टोरिया टर्मिनस) (2004)
  • गोवा के चर्च और कॉन्वेंट्स (1986)
  • रानी-की-वाव पाटन, गुजरात (2014)
  • भीमबेटका के रॉक शेल्टर (2003)
  • सूर्य मंदिर, कोर्णाक (1984)
  • ताज महल (1983)
  • ला कॉर्ब्युएर का वास्तुकला कार्य (2016)
  • जंतर मंतर, जयपुर (2010)
  • हिमालयी राष्ट्रीय उद्यान संरक्षण क्षेत्र (2014)
  • मानस वन्यजीव अभयारण्य (1985)
  • पश्चिमी घाट (2012)
  • हम्पी में स्मारकों का समूह (1986)
  • महाबलिपुरम में स्मारक समूह (1984)
  • कुतुब मीनार और इसके स्मारक, दिल्ली (1993)
  • ग्रेट लिविंग चोल मंदिर (1987)
  • पट्टडकल में स्मारक समूह (1987)
  • राजस्थान में पहाड़ी किला (2013)
  • फतेहपुर सीकरी (1986)
  • माउंटेन रेलवे ऑफ इंडिया (1999)
  • हुमायूं का मकबरा, दिल्ली (1993)
  • कंचनजुंगा राष्ट्रीय उद्यान (2016)
  • चंपानेर-पावागढ़ पुरातात्विक पार्क (2004)
  • नंदा देवी और फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान (1988

World Heritage Day Quotes in Hindi

” मैंने अपनी विरासत के आधार पर स्कूल या नौकरी के अनुप्रयोगों में कभी भी व्यक्तिगत लाभ नहीं लिया और न ही किसी से प्राप्त किया। विश्व “

World Heritage Day Quotes

” हमारी विरासत और आदर्श, हमारा कोड और मानक  जिन चीजों को हम अपने बच्चों को पढ़ाते हैं और सिखाते हैं वे विचारों और भावनाओं का आदान-प्रदान करते हैं। “

” सीनें में ज़ुनू, ऑखों में देंशभक्ति, की चमक रखता हुँ, दुश्मन के साँसें थम जाए, आवाज में वो धमक रखता हुँ,“

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  • विश्व विरासत दिवस मनाए, सारे विश्व को जागरूक बनायें
  • आओ हम सब अपनी विरासत का गुणगान करें, विश्व विरासत दिवस पर हम सब गुणगान करें
  • आज हमको यह प्रण करके जाना है, हर साल धूमधाम से विश्व विरासत दिवस मनाना है
  • हमारी विरासत का हम संरक्षण करें, पर्वतो, नदी, इमारतों का हम संरक्षण करें
  • हमारी संस्कृति और सभ्यता को याद करते जाएं, विश्व विरासत दिवस हम मनाए
  • आज हमको यह प्रण करके जाना है, हर साल धूमधाम से विश्व विरासत दिवस मनाना है
  • हमारी विरासत को हम याद रखेंगे, इसे हम कभी ना भूलेंगे
  • हम सबने अब यह ठाना है, विश्व विरासत दिवस के जरिए सबको जागरूक बनाना है

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