World Labour Day 2023 [Hindi] : क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस , कैसे हुई भारत में शुरुआत,जानें सबकुछ

World Labour Day 2022 [Hindi] Theme & History अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस
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हर साल एक मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस (World Labour Day 2023 or International Labour Day) मनाया जाता है। एक मई का दिन दुनिया के मजदूरों और श्रमिक वर्ग को समर्पित होता है। इस दिन को लेबर डे, श्रमिक दिवस और मई दिवस जैसे नामों से भी लोग जानते हैं। इस दिन लोगों की छुट्टी भी रहती है। लेकिन आप इस दिन के बारे में कितना जानते हैं? शायद बेहद कम, तो चलिए आपको इस दिन के इतिहास से लेकर हर एक जरूरी बात बताते हैं। तो चलिए जानते हैं इस दिन के बारे में कई खास बातें।

कैसे और क्यों हुई शुरुआत (History of World Labour Day in Hindi)

अन्तर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस की शुरुआत एक मई 1886 को अमेरिका में एक आंदोलन से हुई थी। इस आंदोलन के दौरान अमेरिका में मजदूर काम करने के लिए 8 घंटे का समय निर्धारित किए जाने को लेकर आंदोलन पर चले गए थे। 1 मई, 1886 के दिन मजदूर लोग रोजाना 15-15 घंटे काम कराए जाने और शोषण के खिलाफ पूरे अमेरिका में सड़कों पर उतर आए थे। इस दौरान कुछ मजदूरों पर पुलिस ने गोली चला दी थी जिसमें कई मजदूरों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

World Labour Day 2023 | इसके बाद 1889 में अंतर्राष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन की दूसरी बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें यह ऐलान किया गया कि 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाएगा और इस दिन सभी कामगारों और श्रमिकों का अवकाश रहेगा। इसी के साथ भारत सहित दुनिया के तमाम देशों में काम के लिए 8 घंटे निर्धारित करने की नींव पड़ी।

भारत में ऐसे हुई थी इस दिन को मनाने की शुरुआत

  • बात अगर भारत की करें, तो चेन्नई में एक मई 1923 के दिन लेबर किसान पार्टी ऑफ हिंदुस्तान की अध्यक्षता में इस दिन को मनाने की शुरुआत हुई। इस बात को कई सोशल पार्टियों और संगठनों का समर्थन मिला और इसका नेतृत्व वामपंथी कर रहे थे।

ये है उद्देश्य (Aim of World Labour Day in Hindi)

अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाने के पीछे कुछ उद्देश्य हैं, इसलिए ही इस दिन को मनाया जाता है। मजूदरों की उपलब्धियों का सम्मान करना, उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाना व बुलंद करना, मजदूर संगठन को मजबूत करना और उनके योगदान की चर्चा करना आदि कई उद्देश्य हैं।

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अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस का थीम (Theme of World Labour Day)

अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस (World Labour Day 2023) के सदस्यों के द्वारा अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस का थीम बनाया जाता है। इस बार की अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस 2023 की थीम इंग्लिश में – Act together to build a positive safety and health culture. और हिंदी में – सकारात्मक सुरक्षा और स्वास्थ्य संस्कृति का निर्माण करने के लिए मिलकर कार्य करें।

  • वर्ष 2020 के अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस का थीम था “श्रमिकों को आर्थिक और सामाजिक उन्नति के लिए एकजुट करना (Uniting the workers for economic as well as social advancement)”।
  • वर्ष 2019 के अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस का थीम था “सभी के लिए स्थायी पेंशन: सामाजिक भागीदारों की भूमिका”।
  • वर्ष 2018 में अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के लिए थीम था “सामाजिक और आर्थिक प्रगति के लिए श्रमिकों को एकजुट करना” था।
  • अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस 2016 का थीम था “अंतरराष्ट्रीय श्रम आंदोलन मनाना”।
  • वर्ष 2017 के अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस का थीम था “अंतरराष्ट्रीय श्रमिक आंदोलन मनाइये”।
  • वर्ष 2015 के अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस का थीम था “आइये शांति, एकजुटता और अच्छे कार्यों द्वारा कैमरुन के बेहतर भविष्य का निर्माण करें”।
  • अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस 2013 का थीम था “शुरुआती पूँजी सहायता के साथ बेरोज़गार को उपलब्ध कराने के द्वारा कार्य को महत्व दिया जाये।”
  • अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस 2012 का थीम था “दूरदर्शी व्यवसायी को मदद के द्वारा रोजगार को बढ़ावा देना।”

अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर कथन (International Labor Day 2023 Quotes in Hindi)

  • “करारोपण की प्रवृति ने एक ऐसे वर्ग को उत्पन्न किया है जो मजदूरी नहीं करते, उससे लेना जो मजदूरी करते हैं उस मजदूरी का उत्पादन करने वाला, और इसको उसे देना जो मजदूर नहीं है।”- वीलियम कोबेट
  • “मेरे पिता के लिये शारीरिक श्रम न केवल खुद के लिये अच्छा और शालीन है बल्कि, उन्हें यह कहते हुया दिया गया कि ये किसी एक के विचार को मजबूत करता है।”- मैरी एलेन चेज़
  • “किसी कारोबार को इस देश में जारी रहने का अधिकार नहीं है जो अपने श्रमिकों को जीवन निर्वाह मजदूरी से भी कम मजदूरी पर रखता हो। जीवन निर्वाह मजदूरी से मेरा मतलब केवल निर्वाह स्तर से ज्यादा है-मेरा मतलब सम्माननीय निर्वाह की मजदूरी से है।”- फ्रैंकलीन डी रुज़वेल्ट
  • “समाज के आधार में मजदूर होते हैं। मानव प्रयास का वो उत्पाद मुझे दिखाओ जिसे बनाने में मजदूर की भागीदारी नहीं होती, और मैं आपको कुछ दिखाऊँगा कि समाज अच्छे से अनावश्यक बना सकता है।”- सैमुएल गोम्पर्स
  • “इंसानियत को ऊपर उठाने वाले सभी श्रमिकों की अपनी प्रतिष्ठा और महत्व है श्रमसाध्य उत्कृष्टता के साथ किया जाना चाहिए।”- मार्टिन लूथर किंग जूनियर
  • “निम्नस्तर का वेतन अकुशल श्रमिक का उत्पादक है, जो दुनिया को खत्म कर सकता है।”- हेनरी जार्ज
  • “अच्छे कार्य को करने में श्रमिक भी गर्व और खुशी चाहता है, कुछ सुंदर या उपयोगी करने या बनाने की एक समझ- भाई और बहन की तरह प्रतिष्ठा और सम्मान के साथ व्यवहार के लिये।”- थॉर्स्टेन वेबलिन
  • “पुरस्कार पाने से पहले मेहनत करनी पड़ती है। फसल काटने से पहले तुम पौधा लगाते हो। खुशी का फल प्राप्त करने से पहले तुम आँसू के बीज बोते हो।”-रैल्प रैन्सम
  • “दुनिया में लगभग सभी कष्ट का स्रोत कार्य है। लगभग कोई विपदा आप नाम से ध्यान देंगे कार्य के लिये डिज़ाइन एक दुनिया में जीने से या काम करने से आता है। दुख को रोकने के लिये, हमें काम रोकना पड़ेगा।”- बॉब ब्लैक
  • “मेहनत एकमात्र प्रार्थना है जिसका प्रकृति उत्तर देती है।”- रॉबर्ट ग्रीन इंगरसॉल
  • “अगर अमेरिका में सभी कार शुरु से अंत तक रखी जायें, ये संभवत: मजदूर दिवस अवकाश होगा।”-डॉग लार्सन
  • “मजदूर दिवस एक आनन्दमय अवकाश है क्योंकि अगले दिन स्कूल के लिये आपका बच्चा दुबारा जायेगा। इसे स्वतंत्रता दिवस कहा जायेगा, लेकिन वो नाम पहले से ही ले लिया गया था।”-बिल डॉड्स
  • “अंतरराष्ट्रीय एकजुटता उपकार का एक कार्य नहीं है: एक लक्ष्य की ओर अलग भू-भाग से लड़ाई कर रहे सहयोगियों के बीच ये एकता का कार्य है। उच्च स्तर की संभावना तक इंसानियत के विकास की सहायता के लिये मुख्य लक्ष्य है।”- समोरा मैकेल
  • “बिना श्रमिक के कुछ भी सफल नहीं है।”-सूफोक्लेस
  • “अगर कोई व्यक्ति आपसे कहे कि वो अमेरिका से प्यार करता है, फिर भी मजदूर से नफरत करता है, वो एक झूठा है। अगर कोई कहे कि वो अमेरिका पर भरोसा करता है, फिर भी मजदूर से डरता है, वो एक बेवकूफ है।”- अब्राहम लिंकन
  • “गैर-नौकरशाही, सहभागी, एकजुटता-चालित, गैर-व्यवसायिक, कलाकार होने का दिखावा करने वाला। इन सभी साफ दिखाई देने वाले गुण के साथ, आपको आश्चर्यचकित होना पड़ेगा कि क्यों इस तरह की व्यवस्था एक मजदूर दिवस अवकाश से अंतिम किसी लंबे समय तक के लिये प्रतीत नहीं हो सकता।”- ब्रूस स्टरलिंग
  • “मजदूर किसी का अनादर नहीं करते, दुर्भाग्यवश, आप अक्सर उस इंसान को पायेंगे जो श्रमिकों का निरादर करता है।”- यूलिसेस एस. ग्रांट

भारत में मजदूर दिवस समारोह (World Labour Day 2023 Celebration)

श्रमिक दिवस (World Labour Day 2023) को ना सिर्फ भारत में बल्कि पुरे विश्व में एक विरोध के रूप में मनाया जाता है. ऐसा तब होता है जब कामकाजी पुरुष व् महिला अपने अधिकारों व् हित की रक्षा के लिए सड़क पर उतरकर जुलुस निकालते है. विभिन्न श्रम संगठन व् ट्रेड यूनियन अपने अपने लोगों के साथ जुलुस, रेली व् परेड निकालते है. जुलुस के अलावा बच्चों के लिए तरह तरह की प्रतियोगितायें होती है, जिससे वे इसमें आगे बढ़कर हिस्सा लें और एकजुटता के सही मतलब को समझ पायें.

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इस तरह बच्चे एकता की ताकत जो श्रमिक दिवस मनाने का सही मतलब है, समझ सकते है.  इस दिन सभी न्यूज़ चैनल, रेडियो व् सोशल नेटवर्किंग साईट पर हैप्पी लेबर डे के मेसेज दिखाए जाते है, कर्मचारी एक दूसरे को ये मेसेज सेंड कर विश भी करते है. ऐसा करने से श्रमिक दिवस के प्रति लोगों की सामाजिक जागरूकता भी बढ़ती है.

FAQ about World Labour Day in Hindi

Q- मजदूर दिवस कब मनाया जाता है?

Ans- हर साल 1 मई को मनाया जाता है मजदूर दिवस।

Q- मजदूर दिवस क्यों मनाया जाता है?

Ans- ये दिवस मजदूरों के सम्मान, एकता और हक के समर्थन के लिए मनाया जाता है

Q- पहली बार भारत में मजदूर दिवस कब मनाया गया था?

1 मई 1923 को मनाया गया था मजदूर दिवस

World Labour Day 2023| मजदूर दिवस का इतिहास महत्व

ट्रेड यूनियनों और समाजवादी समूहों द्वारा इसे मजदूरों के समर्थन में एक दिन के रूप में नामित किए जाने के बाद, 19 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में एक प्राचीन उत्तरी गोलार्ध वसंत उत्सव के रूप में मनाया गया। संयुक्त राज्य अमेरिका में शिकागो में 1886 के हेमार्केट संबंध की स्मृति में ऐसा करने का निर्णय लिया गया, जिसमें कार्यकर्ताओं के समर्थन में एक शांतिपूर्ण रैली में पुलिस के साथ हिंसक झड़प हुई, जिससे 4 नागरिकों और 7 पुलिस की मौत हो गई।

क्या होता है मजदूर दिवस के दिन?

  • दरअसल, मजदूर दिवस के दिन कई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की जाती है.
  • विभिन्न कार्यक्रम प्रसारित किए जाते हैं.
  • सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों में समारोह का आयोजन किया जाता है.
  • हालांकि कोरोनावायरस और लॉकडाउन के कारण इस बार यह गतिविधियां संभव नहीं है.
  • आपको बता दें कि महाराष्ट्र और गुजरात का स्थापना दिवस भी 1 मई को ही मनाने की परंपरा है.

मज़दूर दिवस पर निबंध – Majdoor Divas Par Nibandh


विश्व भर में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस “1 मई” के दिन मनाया जाता है। किसी भी देश की तरक्की उस देश के किसानों तथा कामगारों (मजदूर / कारीगर) पर निर्भर होती है। एक मकान को खड़ा करने और सहारा देने के लिये जिस तरह मजबूत “नीव” की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, ठीक वैसे ही किसी समाज, देश, उद्योग, संस्था, व्यवसाय को खड़ा करने के लिये कामगारों (कर्मचारीयों) की विशेष भूमिका होती है। वर्ष 1886 में 4 मई के दिन शिकागो शहर के हेमार्केट चौक पर मजदूरों का जमावड़ा लगा हुआ था। मजदूरों नें उस समय आम हड़ताल की हुई थी। हड़ताल का मुख्य कारण मजदूरों से बेहिसाब काम कराना था। मजदूर चाहते थे कि उनसे दिन भर में आठ घंटे से अधिक काम न कराया जाए। मौके पर कोई अप्रिय घटना ना हो जाये इसलिये वहाँ पर स्थानीय पुलिस भी मौजूद थी।

Credit | Oneindia Hindi | वनइंडिया हिंदी

तभी अचानक किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भीड़ पर एक बम फेंका गया। इस घटना से वहाँ मौजूद शिकागो पुलिस नें मजदूरों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिये एक्शन लिया और भीड़ पर फायरिंग शुरू कर दी। इस घटना में कुछ प्रदर्शनकारीयों की मौत हो गयी। मजदूर वर्ग की समस्या से जुड़ी इस घटना नें समग्र विश्व का ध्यान अपनी और खींचा था। इसके बाद 1889 में अंतर्राष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन (the International Socialist Conference ) में ऐलान किया गया कि हेमार्केट नरसंघार में मारे गये निर्दोष लोगों की याद में 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाएगा और इस दिन सभी कामगारों व श्रमिकों का अवकाश रहेगा।


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